Lucknow में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 122 लोग गिरफ्तार, अमेरिकी दूतावास ने मांगी जानकारी

Lucknow: राजधानी लखनऊ के गोमती नगर इलाके में पुलिस ने एक बड़े फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच ने समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर छापेमारी कर इस गिरोह को पकड़ा, जो विदेशी नागरिकों को अपना शिका

Lucknow: राजधानी लखनऊ के गोमती नगर इलाके में पुलिस ने एक बड़े फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच ने समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर छापेमारी कर इस गिरोह को पकड़ा, जो विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बना रहा था। इस पूरे ऑपरेशन में अब तक कुल 122 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें गिरोह का मुख्य सरगना विनीत वशिष्ठ भी शामिल है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार ने बताया कि यह पूरा खेल अमेरिका से जुड़ा था। स्कैमर्स पहले अमेरिका में टोल-फ्री नंबर खरीदते थे और फिर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए भारत में बैठे अपने साथियों को ये नंबर देते थे। इसके बाद लखनऊ से अमेरिकी नागरिकों को कॉल कर तकनीकी सहायता या बैंकिंग सेवाओं के नाम पर ठगा जाता था। लखनऊ पुलिस ने इन नंबरों की पहचान कर ली है और इसकी जानकारी अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा की जाएगी ताकि विदेश में बैठे मास्टरमाइंड्स को पकड़ा जा सके।

एडीसीपी क्राइम किरन यादव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में डिजिटल सामान जब्त किया गया है। पुलिस ने कॉल सेंटर के नाम और कागजों में हेराफेरी का मामला भी पाया है। यह सेंटर ‘सोलारिस सॉल्यूशंस’ के नाम से चल रहा था, लेकिन किराया समझौता ‘जयकॉम टेक्नोलॉजीज’ के नाम पर था, जिसका संबंध आरोपी नायकर जयराज से है।

जब्त सामान संख्या/विवरण
लैपटॉप 100 से 103
मोबाइल फोन 177 से 178
हेडफोन 116
अन्य उपकरण इंटरनेट राउटर, बायोमेट्रिक मशीन, आईबीम डायलर
दस्तावेज विदेशी नागरिकों का डेटा, फर्जी सरकारी कागज और नकली कोर्ट ऑर्डर

पुलिस अब इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय सरगना ‘चार्ल्स’ की तलाश कर रही है, जो अहमदाबाद का रहने वाला बताया जा रहा है। वहीं, भवन की मालकिन रुचि अग्रवाल को पुलिस ने नोटिस जारी किया है। उन्हें दो दिन के भीतर किरायेदार के सत्यापन और स्वामित्व के दस्तावेज जमा करने को कहा गया है। अगर वह ऐसा नहीं करती हैं, तो उन्हें भी इस मामले में सह-आरोपी बनाया जा सकता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस अवैध काम से कमाई गई रकम कहां गई और इसमें हवाला का इस्तेमाल हुआ या नहीं।