Lucknow को तोहफ़ा, फैजुल्लागंज से आउटर रिंग रोड की सड़क होगी चौड़ी, लाखों लोगों को जाम से मिलेगी राहत

Lucknow: फैजुल्लागंज और उसके आसपास रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब फैजुल्लागंज से आउटर रिंग रोड जाना काफी आसान हो जाएगा क्योंकि इस मार्ग की सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। इस फैसले से इलाके की दर्जनों कॉलोनियों के

Lucknow: फैजुल्लागंज और उसके आसपास रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब फैजुल्लागंज से आउटर रिंग रोड जाना काफी आसान हो जाएगा क्योंकि इस मार्ग की सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। इस फैसले से इलाके की दर्जनों कॉलोनियों के करीब 1.5 से 2 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा, जो रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।

लोक निर्माण विभाग (PWD) ने फैजुल्लागंज-धमतरी मार्ग के चौड़ीकरण की पूरी योजना तैयार कर ली है। अभी यह सड़क सिर्फ तीन मीटर की सिंगल लेन है, जिसे अब चौड़ा कर दो लेन का बनाया जाएगा। PWD ने इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है और जैसे ही सरकार से मंजूरी मिलेगी, सड़क का काम शुरू हो जाएगा। लगभग छह किलोमीटर लंबे इस मार्ग के चौड़ा होने से लोगों की आवाजाही आसान होगी और ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

इसी बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 जून 2026 को लखनऊ और कानपुर के बीच रैपिड रेल कॉरिडोर बनाने और स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के लिए आउटर रिंग रोड के निर्माण की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने PWD की बैठक में सख्त निर्देश दिए हैं कि जो लोग या संस्थाएं सड़कों को नुकसान पहुंचाते हैं, उनसे पूरी क्षतिपूर्ति वसूली की जाए।

लखनऊ में बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के लिए कई अन्य काम भी चल रहे हैं। मई 2025 में फैजुल्लागंज से मेहंदीघाट तक गोमती नदी पर दो लेन के पुल का काम शुरू हुआ था, जिसे जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। साथ ही, अप्रैल 2026 में पुराने लखनऊ को सीतापुर रोड और ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ने वाली 45 करोड़ रुपये की चार लेन बांध रोड का निर्माण भी शुरू हुआ, जिससे त्रिवेणी नगर और फैजुल्लागंज के लोगों को काफी सुविधा होगी।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2024 में 105 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड (किसान पथ) का उद्घाटन किया था। इससे अब शहर के अंदर घुसे बिना ही सीतापुर, अयोध्या, सुल्तानपुर, रायबरेली, कानपुर और हरदोई रोड की तरफ जाना संभव हो गया है। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि भविष्य में सड़क विस्तार को देखते हुए आउटर रिंग रोड और नेशनल हाईवे के दोनों तरफ 90 मीटर के दायरे में कृषि भूमि की बिक्री नहीं की जा सकती।