UP : लखनऊ में बिजली कटौती से नाराज लोगों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट की और उन्हें बंधक बना लिया। ताजा मामला RDSO उपकेंद्र का है जहां करीब 40-50 लोगों ने मिलकर बिजली ऑपरेटर राहुल के साथ बदसलूकी की और उसे जबरन बिजल
UP : लखनऊ में बिजली कटौती से नाराज लोगों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट की और उन्हें बंधक बना लिया। ताजा मामला RDSO उपकेंद्र का है जहां करीब 40-50 लोगों ने मिलकर बिजली ऑपरेटर राहुल के साथ बदसलूकी की और उसे जबरन बिजली बंद करने पर मजबूर किया। इस घटना की वजह से इलाके के हजारों घरों में अंधेरा छा गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
RDSO उपकेंद्र में क्या हुआ और कैसे हुई घटना
18 मई की आधी रात को बिजली कटौती से गुस्साए लोग उपकेंद्र पहुंच गए। उन्होंने ऑपरेटर राहुल को बंधक बना लिया और सभी फीडरों की बिजली बंद करवा दी, जिससे लगभग 10,000 घरों की सप्लाई कट गई। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारी वहां से भाग निकले। पुलिस और अधिकारियों के पहुंचने के बाद रात 2 बजे बिजली बहाल हुई, जिसके बाद रात 3 बजे ऑपरेटर को छोड़ा गया। पारा पुलिस स्टेशन में इस मामले में FIR दर्ज की गई है।
विद्युत कर्मियों पर हमले को लेकर क्या हैं नियम
उत्तर प्रदेश ऊर्जा विभाग ने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कड़े नियमों का प्रस्ताव भेजा है। नए अधिनियम के तहत बिजली कर्मियों से मारपीट करने पर 3 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। यह अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होगा। साथ ही, अगर कोई सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो उससे उसकी दोगुनी कीमत वसूली जाएगी। इसमें इंजीनियर, लाइनमैन और टेक्नीशियन सभी शामिल हैं।
लखनऊ में पहले भी हुई ऐसी घटनाएं
शहर में बिजली विवाद को लेकर हिंसा की यह पहली घटना नहीं है। फरवरी 2026 में विकासनगर सेक्टर-14 के उपकेंद्र पर एक महिला और उसके साथी ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी। उस दौरान सरकारी दस्तावेज फाड़े गए और कर्मचारियों का गला दबाने की कोशिश की गई। पुलिस ने उस मामले में भी सरकारी कार्य में बाधा और जान से मारने की धमकी के आरोप में केस दर्ज किया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिजली कर्मचारियों से मारपीट करने पर क्या सजा हो सकती है?
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, विद्युत सेवा कर्मियों से हिंसा करने पर 3 साल तक की कैद और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। यह एक गैर-जमानती अपराध माना जाएगा।
RDSO उपकेंद्र की घटना में कितने लोग प्रभावित हुए?
गुस्साए लोगों ने जबरन बिजली बंद करवा दी थी, जिससे करीब 10,000 घरों की बिजली आपूर्ति ठप्प हो गई थी।