Lucknow को तोहफ़ा, 7 नए सबस्टेशन और 100 फीडर बनेंगे, बिजली कटौती और लो-वोल्टेज से मिलेगी राहत
Lucknow: राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए बिजली की समस्या अब जल्द खत्म होगी। शहर की बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है, जिससे आम जनता को बार-बार होने वाली कटौती और लो-वोल्टेज की परेशानी से छुट
Lucknow: राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए बिजली की समस्या अब जल्द खत्म होगी। शहर की बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है, जिससे आम जनता को बार-बार होने वाली कटौती और लो-वोल्टेज की परेशानी से छुटकारा मिलेगा। इस पूरी योजना का मकसद शहर की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करना और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना है।
ताजा जानकारी के मुताबिक, 50 करोड़ रुपये की लागत से 7 नए उपकेंद्र (सबस्टेशन) और 1 नया पावर ट्रांसमिशन सबस्टेशन बनाया जाएगा। इसके साथ ही 100 नए फीडर भी लगाए जाएंगे। यह कदम विशेष रूप से पुराने लखनऊ के लिए उठाया गया है, जहां 550 करोड़ रुपये के बड़े प्लान के तहत 2031 तक की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। इससे करीब 10 लाख लोगों को सीधा फायदा होगा।
बिजली व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए UPPCL और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम कई स्तरों पर काम कर रहे हैं। शहर को ‘नो ट्रिपिंग जोन’ बनाने की तैयारी है, जिस पर लगभग 1500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही, 2200 करोड़ रुपये की एक व्यापक योजना बनाई गई है, जिसका प्रस्ताव 15 जुलाई तक अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को सौंपा जाएगा। लखनऊ में हर साल बिजली की मांग 200 से 250 मेगावाट बढ़ रही है और करीब एक लाख नए उपभोक्ता जुड़ रहे हैं, इसलिए यह विस्तार जरूरी हो गया है।
| परियोजना/योजना | बजट/लागत | मुख्य लक्ष्य |
|---|---|---|
| नए सबस्टेशन और फीडर | 50 करोड़ रुपये | 7 उपकेंद्र और 100 फीडर का निर्माण |
| नो ट्रिपिंग जोन पहल | 1500 करोड़ रुपये | 2028 तक ट्रिपिंग मुक्त बिजली आपूर्ति |
| व्यापक सुधार योजना | 2200 करोड़ रुपये | 2031 तक जर्जर व्यवस्था को ठीक करना |
| ढांचागत विकास (2026-27) | 261 करोड़ रुपये | लखनऊ को रोड मॉडल बनाना |
| केंद्र सरकार की सहायता | 250 करोड़ रुपये | 27 नए बिजली उपकेंद्रों की स्थापना |
| SCADA कंट्रोल रूम | 2500 करोड़ रुपये | बिजली व्यवस्था को हाईटेक बनाना |
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 1 नवंबर से वर्टिकल सिस्टम भी लागू होगा। इसके तहत हर जोन में हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे, जहां लोग बिजली बिल, मीटर खराब होने या आपूर्ति बाधित होने जैसी शिकायतों का समाधान करवा सकेंगे। हालांकि, हाल ही में राजाजीपुरम जैसे इलाकों में बिजली कटौती को लेकर जनता ने विरोध प्रदर्शन भी किया है, जिससे पता चलता है कि जमीनी स्तर पर अभी काफी काम बाकी है।