Lucknow में अघोषित बिजली कटौती पर बवाल, चिनहट में लोगों ने पावर हाउस पर किया हमला

Lucknow: राजधानी लखनऊ में उमस भरी गर्मी के बीच बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने से करीब 3 लाख उपभोक्ता परेशान रहे, जिसके बाद कई जगहों पर लोगों का ग

Lucknow: राजधानी लखनऊ में उमस भरी गर्मी के बीच बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने से करीब 3 लाख उपभोक्ता परेशान रहे, जिसके बाद कई जगहों पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने बिजली विभाग के दफ्तरों पर हंगामा किया।

सबसे गंभीर स्थिति चिनहट इलाके में देखी गई, जहां 11 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे काशिराम कॉलोनी और लोलई के निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। दिन भर बिजली कटौती से नाराज लोगों ने स्थानीय पावर हाउस पर धावा बोल दिया और वहां मौजूद कर्मचारियों के वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसी तरह मोहन रोड क्षेत्र में भी राजाजीपुरम न्यू बिजली उपकेंद्र पर उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। विभाग के मुताबिक, यहां 11 केवी ट्रांसफार्मर के एलटी केबल में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से सुबह 11:11 बजे से बिजली गुल थी।

शहर के पश्चिमी और ग्रामीण इलाकों में भी हालात खराब रहे। दुबग्गा के एफसीआई उपकेंद्र और बुद्धेश्वर जैसे क्षेत्रों में शनिवार रात से ही बिजली की आवाजाही बनी हुई है। वहीं काकोरी इलाके में बिजली कटौती की स्थिति इतनी खराब रही कि वहां 25 से अधिक बार बिजली कटने के मामले दर्ज किए गए।

बढ़ते तनाव को देखते हुए लखनऊ प्रशासन ने पहले ही शहर के 31 संवेदनशील उपकेंद्रों पर पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल) के जवानों को तैनात किया है ताकि तोड़फोड़ को रोका जा सके। यूपीपीसीएल (UPPCL) ने उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए अगस्त महीने में विशेष निवारण शिविर लगाए हैं। लोग अपनी शिकायतें 1912 हेल्पलाइन या व्हाट्सएप चैटबॉट के जरिए भी दर्ज करा सकते हैं।

राहत की बात यह है कि अगस्त के बिजली बिलों में उपभोक्ताओं को ईंधन और बिजली खरीद लागत समायोजन (FPPAS) के तहत 2.92% की नकारात्मक दर से लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश के करीब 3.73 करोड़ उपभोक्ताओं को कुल 221.14 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी। साथ ही, यूपीपीसीएल ने साल 2032 तक लखनऊ को ‘नो-ट्रिपिंग जोन’ बनाने की योजना बनाई है, जिसमें 2,400 से 2,700 करोड़ रुपये का निवेश कर पूरे नेटवर्क को डिजिटल किया जाएगा।