UP : लखनऊ में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात इतने खराब हैं कि अब सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के तीन विधायकों ने खुद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र लिखकर मदद मांगी है। शहर के क
UP : लखनऊ में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात इतने खराब हैं कि अब सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के तीन विधायकों ने खुद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र लिखकर मदद मांगी है। शहर के कई इलाकों में लोग रात भर अंधेरे में रहे और गुस्से में आकर पावर हाउस का घेराव तक किया।
विधायकों ने ऊर्जा मंत्री से क्या मांग की है
बीजेपी विधायक ओपी श्रीवास्तव, डॉ. राजेश्वर सिंह और डॉ. नीरज बोरा ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा है। ओपी श्रीवास्तव ने सेक्टर-25, इंदिरानगर, मुंशी पुलिया और विकास नगर जैसे इलाकों में बिजली व्यवस्था सुधारने को कहा है। वहीं डॉ. राजेश्वर सिंह ने 10 पेज का पत्र भेजकर लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या बताई है और बिजली सुधार के लिए सिंगापुर और अमेरिका मॉडल अपनाने का सुझाव दिया है।
जनता का गुस्सा और विभाग की तैयारी
बिजली कटौती से नाराज लोगों ने इंदिरानगर के सेक्टर-25 पावर हाउस और राजाजीपुरम जैसे इलाकों में जमकर हंगामा किया, जिसे संभालने के लिए पुलिस और PAC बुलानी पड़ी। इस संकट को देखते हुए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने 31 जुलाई तक अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल ने 10 संवेदनशील उपकेंद्रों पर रात में अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है ताकि फॉल्ट होने पर बिजली जल्दी बहाल हो सके।
अन्य जिलों और विपक्षी दलों का हाल
बिजली का यह संकट सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है, बल्कि बलरामपुर जैसे जिलों में लोगों को दिन भर में केवल 5 घंटे बिजली मिल रही है। इस मुद्दे पर अखिलेश यादव और मायावती ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरा है। जौनपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर प्रशासन को व्यवस्था सुधारने के लिए 5 घंटे का समय दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में किन इलाकों में बिजली की सबसे ज्यादा समस्या है
इंदिरानगर सेक्टर-25, मुंशी पुलिया, विकास नगर, कल्याणपुर, राजाजीपुरम, आलमबाग और फैजुल्लागंज जैसे इलाकों में बिजली कटौती और केबल जलने की समस्या ज्यादा देखी गई है।
बिजली विभाग ने संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने 31 जुलाई तक कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और 10 संवेदनशील उपकेंद्रों पर रात में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की है।