UP : राजधानी लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद पहली बार इतनी बड़ी समस्या सामने आई है, जिससे निपटने के लिए प्रशासन ने आनन-फानन में अन्य जिलों से 44 इंजीनियरो
UP : राजधानी लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद पहली बार इतनी बड़ी समस्या सामने आई है, जिससे निपटने के लिए प्रशासन ने आनन-फानन में अन्य जिलों से 44 इंजीनियरों को लखनऊ बुलाया है। शहर के कई इलाकों में लोग बिजली कटौती से परेशान होकर सड़कों पर उतर आए हैं।
इंजीनियरों की तैनाती और बिजली की मांग का हाल
बिजली संकट को देखते हुए शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली, सीतापुर और सुल्तानपुर समेत कई जिलों से 44 अभियंताओं को लखनऊ बुलाया गया है। इन्हें लखनऊ मध्य, अमौसी, जानकीपुरम और गोमतीनगर जैसे इलाकों में तैनात किया गया है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के मुताबिक, बिजली की मांग बहुत बढ़ गई है। 22 मई की दोपहर को अधिकतम मांग 30,357 MW दर्ज की गई और शाम के पीक आवर्स में यह आंकड़ा 33,000 MW तक पहुंच रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है।
जनता का गुस्सा और प्रशासन की कार्रवाई
तेलीबाग, मवैया और उतरेटिया जैसे इलाकों में लगातार बिजली कटने से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और उपकेंद्रों पर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस के साथ अभद्रता करने के आरोप में PGI थाने में 150 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, सरोजिनी नगर के विधायक राजेश्वर सिंह ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर कम वोल्टेज और फीडर ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से अवगत कराया है।
विभाग ने उठाए क्या कदम
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) ने स्थिति को संभालने के लिए 31 जुलाई तक अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल ने बताया कि राजाजीपुरम और आरडीएसओ समेत 10 संवेदनशील उपकेंद्रों पर रात में अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अपर मुख्य सचिव डॉ. आशीष गोयल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि राजधानी की बिजली आपूर्ति को हर हाल में पटरी पर लाया जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बिजली की समस्या क्यों बढ़ी है?
भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ गई है, जो शाम के समय 33,000 MW तक पहुंच रही है। साथ ही वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद पहली गर्मी में सिस्टम पर दबाव बढ़ा है।
बिजली संकट को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
विभिन्न जिलों से 44 इंजीनियरों को लखनऊ बुलाया गया है और MVVNL ने 31 जुलाई तक सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। संवेदनशील उपकेंद्रों पर रात की अतिरिक्त ड्यूटी भी लगाई गई है।