UP : लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग ने इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है। अफ्रीकी देशों जैसे कांगो और युगांडा में इस संक्रमण के तेजी से फैलने की खबरों के बाद यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने सावधानी के तौर
UP : लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग ने इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है। अफ्रीकी देशों जैसे कांगो और युगांडा में इस संक्रमण के तेजी से फैलने की खबरों के बाद यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने सावधानी के तौर पर चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ा दी है ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच की जा सके।
लखनऊ में क्या इंतजाम किए गए हैं?
शहर के लोकबंधु अस्पताल में इबोला के संभावित मरीजों के लिए 6 बेड रिजर्व रखे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की कड़ी निगरानी की जा रही है। यह पूरी तैयारी केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
किन यात्रियों को रहना होगा सावधान?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन लोगों को सतर्क रहने को कहा है जो पिछले 21 दिनों में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं। अगर किसी यात्री को बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त या बिना वजह खून बहने जैसे लक्षण दिखें, तो उन्हें तुरंत खुद को आइसोलेट करना चाहिए और हेल्पलाइन नंबर 1075 पर सूचना देनी चाहिए।
भारत सरकार और WHO की क्या तैयारी है?
WHO ने इस प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। भारत ने अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र को 43 टन चिकित्सा सहायता भेजी है। DGCA ने भी एयरलाइंस के लिए नियम जारी किए हैं, जिसके तहत हाई रिस्क देशों से आने वाले यात्रियों के लिए सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना जरूरी होगा। हालांकि, 2 जून 2026 तक भारत में इबोला का कोई मामला नहीं मिला है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या भारत में इबोला का कोई केस मिला है?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 2 जून 2026 तक भारत में इबोला के किसी भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। गुजरात में एक संदिग्ध मामला सामने आया था, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव रही।
इबोला के लक्षण दिखने पर क्या करें?
अगर बुखार, सिरदर्द या बिना कारण रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत खुद को अलग (Isolate) कर लें और सरकारी हेल्पलाइन नंबर 1075 पर कॉल करके अधिकारियों को बताएं।