Lucknow के फाइव स्टार होटल में 22 साल के ड्रोन साइंटिस्ट की मौत, परिवार ने लगाया 85 लाख के प्रोजेक्ट और धमकी का आरोप

Lucknow: राजधानी लखनऊ के एक फाइव स्टार होटल में 22 साल के युवा ड्रोन वैज्ञानिक Rahul Singh की संदिग्ध मौत हो गई। यह घटना उनके जन्मदिन के ठीक अगले दिन हुई, जिसने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक के भाई ने अब इस म

Lucknow: राजधानी लखनऊ के एक फाइव स्टार होटल में 22 साल के युवा ड्रोन वैज्ञानिक Rahul Singh की संदिग्ध मौत हो गई। यह घटना उनके जन्मदिन के ठीक अगले दिन हुई, जिसने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक के भाई ने अब इस मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए इसे साजिश बताया है।

घटना सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे की है जब राहुल विभूतिखंड स्थित Novotel होटल में ठहरे थे। मंगलवार सुबह जब चेक आउट का समय हुआ और कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तब होटल स्टाफ ने पुलिस को खबर दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो राहुल बेड पर अचेत मिले। कमरे के फर्श और बेड के पास उल्टी के निशान मिले थे, जिसे देखकर शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग या हार्ट अटैक की आशंका जताई गई। विभूतिखंड ACP सौम्या पांडे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और फॉरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए हैं।

इस मामले में नया मोड़ तब आया जब राहुल के छोटे भाई Rohit Singh ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर खुलासे किए। उन्होंने बताया कि नोएडा के एक कारोबारी के साथ ड्रोन प्रोजेक्ट के लिए 85 लाख रुपये का कॉन्ट्रैक्ट हुआ था। परिवार का कहना है कि 62 लाख रुपये मिलने के बाद प्रोजेक्ट वापस ले लिया गया, जिसके बाद पैसे लौटाने के लिए नोटिस भेजा गया और राहुल को जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं।

वहीं दूसरी ओर, बस्ती पुलिस के मुताबिक राहुल सिंह पर 62 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप भी था। उन पर नौकरी और ड्रोन प्रोजेक्ट का झांसा देकर पैसे लेने का मामला नगर बाजार थाने में दर्ज था। सीओ सत्येन्द्र भूषण तिवारी ने कहा कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी और उन्हें राहुल की मौत की खबर अखबार से मिली।

राहुल सिंह महाराजगंज जिले के आसमान छपरा गांव के रहने वाले थे और MMMUT गोरखपुर के डिजाइन इनोवेटर एंड इंक्यूबेशन सेंटर में रिसर्च कर रहे थे। उन्होंने कम उम्र में बैटरी वाला इको-फ्रेंडली ट्रैक्टर, ऑटोमैटिक रोटी मेकर और बैटरी साइकिल जैसे कई आविष्कार किए थे। वह लगातार तीन साल तक इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में पहले स्थान पर रहे थे।