Lucknow में डॉ. हरिओम की कहानी ‘भूसा’ का मंचन, अंधविश्वास और विज्ञान की लड़ाई को नाटक के जरिए दिखाया

Lucknow: राजधानी लखनऊ के अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में डॉ. हरिओम की मशहूर कहानी ‘भूसा’ का नाटक पेश किया गया। इस नाटक में गांव के समाज में फैले अंधविश्वास और आधुनिक विज्ञान के बीच होने वाली टक्कर को व्य

Lucknow: राजधानी लखनऊ के अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में डॉ. हरिओम की मशहूर कहानी ‘भूसा’ का नाटक पेश किया गया। इस नाटक में गांव के समाज में फैले अंधविश्वास और आधुनिक विज्ञान के बीच होने वाली टक्कर को व्यंग्य के जरिए दिखाया गया। यह आयोजन 23 जून 2026 को हुआ, जिसकी जानकारी दैनिक भास्कर ने दी।

नाटक की कहानी एक ऐसे युवा डॉक्टर के बारे में है, जो शहर से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वापस अपने गांव आता है। वहां उसे विज्ञान और पुरानी रूढ़ियों के बीच के संघर्ष का सामना करना पड़ता है। नाटक के जरिए यह बताने की कोशिश की गई कि ग्रामीण इलाकों में आज भी अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं।

इस कहानी के लेखक डॉ. हरिओम एक IAS अधिकारी हैं। वे साहित्य, कविता और गजल गायकी में भी काफी रुचि रखते हैं और उनकी कई किताबें और संगीत एल्बम आ चुके हैं।

जिस संस्थान में यह नाटक हुआ, वह लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान है। इसे उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग ने 1985 में बनाया था। यह संस्थान बौद्ध विधाओं के शोध और संरक्षण का काम करता है और यहां पालि व बौद्ध अध्ययन जैसे कोर्स कराए जाते हैं। इस संस्थान के शासी निकाय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह सदस्य हैं।