UP : लखनऊ के ऐशबाग इलाके में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर का एक भव्य स्मारक और सांस्कृतिक केंद्र बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह ड्रीम प्रोजेक्ट डॉ. सविता आंबेडकर के उस सपने को पूरा करेगा, जिसमें उन्हों
UP : लखनऊ के ऐशबाग इलाके में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर का एक भव्य स्मारक और सांस्कृतिक केंद्र बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह ड्रीम प्रोजेक्ट डॉ. सविता आंबेडकर के उस सपने को पूरा करेगा, जिसमें उन्होंने बाबा साहेब के अस्थि अवशेषों पर एक यादगार स्मारक बनाने की इच्छा जताई थी। इस केंद्र का लक्ष्य 15 जुलाई 2026 तक इसे पूरी तरह तैयार कर जनता के लिए खोलना है।
स्मारक में क्या-क्या सुविधाएं होंगी?
यह स्मारक केवल एक इमारत नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और संविधान का केंद्र होगा। यहाँ बाबा साहेब की 25 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा लगाई जाएगी और उनके अस्थि कलश को पूरे सम्मान के साथ स्थापित किया जाएगा। परिसर में एक आधुनिक संग्रहालय, पुस्तकालय, 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम और एक विपश्यना ध्यान केंद्र भी होगा। साथ ही, आंबेडकर विश्वविद्यालय के सहयोग से यहाँ पीएचडी स्तर तक के शोध की सुविधा मिलेगी, जिसके लिए शोधार्थियों के लिए अलग से हॉस्टल और खाने की व्यवस्था भी की गई है।
निर्माण की लागत और समय सीमा क्या है?
इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास 29 जून 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने किया था। शुरुआत में इसकी अनुमानित लागत 45.04 करोड़ रुपये थी, लेकिन ऑडिटोरियम और अन्य आधुनिक सुविधाओं के जुड़ने से अब यह बजट बढ़कर 81 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निर्देश दिए हैं कि भवन की बाहरी और अंदरूनी साज-सज्जा का काम 31 मई 2026 तक पूरा हो जाना चाहिए ताकि समय पर उद्घाटन हो सके।
नई पीढ़ी के लिए कैसे होगा खास?
स्मारक को पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। यहाँ आने वाले लोग ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन और वर्चुअल रियलिटी शो के जरिए बाबा साहेब के विचारों और उनके जीवन को करीब से समझ पाएंगे। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और मंत्री जयवीर सिंह लगातार काम की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डॉ. आंबेडकर स्मारक लखनऊ में कहाँ बन रहा है और कब तक तैयार होगा?
यह स्मारक लखनऊ के ऐशबाग क्षेत्र में ईदगाह के सामने लगभग 2.5 एकड़ जमीन पर बन रहा है। इसे 15 जुलाई 2026 तक पूरा कर जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत 45.04 करोड़ रुपये थी, लेकिन अब ऑडिटोरियम और अन्य अतिरिक्त विकास कार्यों के कारण यह बढ़कर लगभग 81 करोड़ से 100 करोड़ रुपये के बीच पहुँच गई है।