Lucknow में हर महीने 5000 लोगों को काट रहे कुत्ते, नगर निगम अब लगाएगा माइक्रोचिप
Lucknow: राजधानी लखनऊ में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। शहर में हर महीने करीब 5000 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि रेबीज की पहचान करना मुश्किल हो रहा है, इसलिए डॉक्टरों ने लोगों को इ
Lucknow: राजधानी लखनऊ में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। शहर में हर महीने करीब 5000 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि रेबीज की पहचान करना मुश्किल हो रहा है, इसलिए डॉक्टरों ने लोगों को इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी है। अब नगर निगम इन कुत्तों पर लगाम लगाने के लिए माइक्रोचिप ट्रैकिंग का सहारा लेने जा रहा है।
लखनऊ नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि शहर में लगभग 86,000 आवारा कुत्ते हैं। इनमें से 80 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। अब नगर निगम जल्द ही माइक्रोचिपिंग की प्रक्रिया शुरू करेगा। इससे कुत्तों की पहचान आसान होगी और उन पर नजर रखी जा सकेगी।
नगर विकास विभाग के नियमों के मुताबिक, अगर कोई कुत्ता किसी को काटता है, तो उसे 10 दिनों के लिए ABC केंद्र में निगरानी में रखा जाएगा। वहां उसका एंटी-रेबीज टीकाकरण और नसबंदी होगी और शरीर में माइक्रोचिप लगाई जाएगी। अगर वही कुत्ता दोबारा किसी को काटता है और चिप से उसकी पहचान होती है, तो उसे उम्र भर के लिए ABC केंद्र में ही रखा जाएगा।
दूसरी तरफ, सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में एक बड़ा फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा कि जो कुत्ते बहुत खतरनाक हैं या रेबीज से संक्रमित हैं, उन्हें सार्वजनिक सुरक्षा के लिए ‘मौत का इंजेक्शन’ दिया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर अधिकारी इन निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो उन पर अवमानना का मुकदमा चलेगा। साथ ही हर जिले में पूरी तरह काम करने वाले ABC केंद्र बनाने के आदेश दिए गए हैं।
पालतू कुत्तों के मालिकों के लिए भी नियम सख्त हैं। अगर किसी का पालतू कुत्ता किसी को काटता है, तो IPC की धारा 289 के तहत मालिक को 6 महीने की जेल या 1000 रुपये जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।