Lucknow में कुत्तों का आतंक, हर महीने काट रहे 5000 लोग; अब आवारा कुत्तों में लगेगी माइक्रोचिप
Lucknow: राजधानी लखनऊ में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। शहर में हर महीने औसतन 5000 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि अब नगर निगम ने कुत्तों की निगरानी के लिए माइक्रोचिप लगाने की यो
Lucknow: राजधानी लखनऊ में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। शहर में हर महीने औसतन 5000 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि अब नगर निगम ने कुत्तों की निगरानी के लिए माइक्रोचिप लगाने की योजना बनाई है, ताकि उनके टीकाकरण और नसबंदी का पूरा हिसाब रखा जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कुत्तों के काटने के बाद रेबीज की पहचान करना मुश्किल होता है, इसलिए बिना देरी किए एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाना बहुत जरूरी है। सरकारी अस्पतालों में इन इंजेक्शनों की मांग काफी बढ़ गई है क्योंकि समय पर इलाज न मिलने से यह बीमारी जानलेवा हो सकती है। हाल ही में 25 जुलाई को पूर्व कार्यवाहक महापौर सुरेश चंद्र अवस्थी पर भी कुत्तों ने हमला किया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
नगर निगम के पशु कल्याण एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि अब हर साल 10,000 आवारा कुत्तों में माइक्रोचिप लगाई जाएगी। इस चिप की मदद से 10 फीट की दूरी से ही स्कैन करके कुत्ते की पूरी जानकारी मिल जाएगी। नियम यह होगा कि अगर कोई कुत्ता दो बार किसी को काटता है, तो उसे हमेशा के लिए नगर निगम के शेल्टर होम में भेज दिया जाएगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
दूसरी तरफ, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने 19 मई 2026 को आदेश दिया कि जो कुत्ते बहुत खतरनाक या बीमार हैं, उन्हें जहरीला इंजेक्शन (यूथेनेशिया) देकर मारा जा सकता है। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि हर जिले में एक एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर होना चाहिए और सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर लखनऊ में दो बड़े डॉग शेल्टर होम बनाए जाएंगे। इनमें से हर एक शेल्टर होम में 1000 कुत्तों को रखने की क्षमता होगी। खास बात यह है कि अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से पकड़े गए कुत्तों को इन शेल्टर होम में रखकर उनकी नसबंदी की जाएगी और उन्हें दोबारा उन्हीं सार्वजनिक जगहों पर नहीं छोड़ा जाएगा।