UP : लखनऊ के जिलाधिकारी (DM) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट ने रेरा रिकवरी मामले में अदालत को गुमराह करने के आरोप में उन्हें तलब किया है। जस्टिस सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने डीएम को मंगलवार, 19 मई 2026 को व्यक्तिगत रूप
UP : लखनऊ के जिलाधिकारी (DM) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट ने रेरा रिकवरी मामले में अदालत को गुमराह करने के आरोप में उन्हें तलब किया है। जस्टिस सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने डीएम को मंगलवार, 19 मई 2026 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला और क्यों नाराज है कोर्ट?
यह पूरा विवाद अखिलेश कुमार पटेल और एक अन्य व्यक्ति द्वारा दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। दरअसल, हाईकोर्ट ने 8 अगस्त 2023 को डीएम को आदेश दिया था कि वे वीएमएस बिल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड से 65,88,488 रुपये की वसूली तीन महीने के भीतर करें। लेकिन यह वसूली समय पर नहीं हुई और कोर्ट को लगा कि डीएम ने इस मामले में सही जानकारी नहीं दी।
डीएम के शपथ पत्र पर कोर्ट ने उठाए सवाल
कोर्ट ने डीएम द्वारा दाखिल किए गए शपथ पत्र को अधूरा पाया। न्यायाधीश ने कहा कि शपथ पत्र में पूछे गए सवालों के जवाब और जरूरी तथ्यों की कमी है। कोर्ट ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि बिल्डर का चेक बाउंस होने के बाद भी उसके खिलाफ एनआई एक्ट के तहत कोई केस क्यों नहीं किया गया। कोर्ट का मानना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि डीएम लखनऊ अदालत को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
अब आगे क्या होगा?
अदालत ने अब जिलाधिकारी के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की बात कही है। डीएम को अब खुद कोर्ट में आकर जवाब देना होगा कि उन्होंने पिछले आदेश का पालन क्यों नहीं किया और तथ्यों को छिपाने की कोशिश क्यों की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हाईकोर्ट ने लखनऊ डीएम को क्यों तलब किया है?
हाईकोर्ट ने रेरा रिकवरी मामले में कोर्ट को गुमराह करने और पिछले आदेश का पालन न करने के आरोप में डीएम को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।
वसूली की राशि कितनी थी और किस कंपनी से लेनी थी?
हाईकोर्ट ने 8 अगस्त 2023 को वीएमएस बिल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड से 65,88,488 रुपये की वसूली करने का आदेश दिया था।