Lucknow: ड्राइविंग लाइसेंस एजेंसियों पर कर्मचारियों से वसूली का आरोप, CM ऑफिस ने दिए जांच के आदेश

Lucknow: उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाली निजी एजेंसियों पर अपने कर्मचारियों का शोषण करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि कंपनियां अपने घाटे की भरपाई के लिए कर्मचारियों से पैसे वसूल रही हैं। मामला

Lucknow: उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाली निजी एजेंसियों पर अपने कर्मचारियों का शोषण करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि कंपनियां अपने घाटे की भरपाई के लिए कर्मचारियों से पैसे वसूल रही हैं। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद अब इसकी जांच शुरू हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, Silver Touch, Rosmarta और Fokam Limited नाम की तीन एजेंसियां पूरे प्रदेश में स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस की छपाई और डिलीवरी का काम देख रही हैं। इन कंपनियों को सरकार से एक कार्ड के लिए 45 रुपये मिलते हैं, जबकि इसे बनाने और भेजने का खर्च करीब 60 रुपये आता है। इस वजह से पिछले सात महीनों में कंपनियों को लगभग 2.10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आरोप है कि इस घाटे को पूरा करने के लिए एजेंसियां अपने प्राइवेट कर्मचारियों पर दबाव बना रही हैं और उनसे पैसों की मांग कर रही हैं।

शिकायतों में यह भी सामने आया है कि इन एजेंसियों ने जरूरत से ज्यादा भर्तियां कीं। जहां 225 कर्मचारियों की जरूरत थी, वहां 320 लोगों को रखा गया। आरोप है कि नौकरी देने के नाम पर हर व्यक्ति से 3 से 4 लाख रुपये लिए गए। इसके अलावा, जो कर्मचारी एडवांस सैलरी या अन्य मांगों को पूरा नहीं कर पाए, उनमें से करीब 45 लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया।

यह मामला केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। सीतापुर, लखीमपुर, कानपुर, मथुरा, मेरठ, बलिया और अयोध्या समेत 18 जिलों के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत भेजी है। इस मामले में Local Intelligence Unit (LIO) ने अपनी जांच शुरू कर दी है।

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (IT) विजय कुमार सिंह ने बताया कि बर्खास्त कर्मचारियों की शिकायतों की जांच की जा रही है और दोषी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद इन एजेंसियों में चल रहे भ्रष्टाचार का पूरा सच सामने आएगा।