UP : लखनऊ के जिला कोर्ट और कलेक्ट्रेट परिसर के पास सालों से जमा अतिक्रमण अब साफ होने वाला है। नगर निगम 17 मई को यहां बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई करेगा। यह पूरी कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के सख्त आदेश के
UP : लखनऊ के जिला कोर्ट और कलेक्ट्रेट परिसर के पास सालों से जमा अतिक्रमण अब साफ होने वाला है। नगर निगम 17 मई को यहां बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई करेगा। यह पूरी कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के सख्त आदेश के बाद की जा रही है, क्योंकि इन अवैध कब्जों की वजह से आम जनता को आने-जाने में बहुत दिक्कत हो रही थी।
नगर निगम की कार्रवाई और समय सीमा क्या है
नगर निगम ने स्वास्थ्य भवन चौराहे से लेकर निबंधन कार्यालय तक के इलाके का सर्वे किया है। इस दौरान सड़क और नाले की जमीन पर बने 200 से ज्यादा अवैध ढांचों को चिन्हित किया गया है, जिन पर लाल क्रॉस के निशान लगा दिए गए हैं। प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को 16 मई तक खुद कब्जा हटाने का समय दिया है। अगर 17 मई तक निर्माण नहीं हटा, तो निगम की टीम बलपूर्वक इसे ढहा देगी और इसका पूरा खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा।
हाईकोर्ट ने क्यों दिया सख्त आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की बेंच ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट को बताया गया कि अतिक्रमण के कारण एक बार एंबुलेंस फंस गई थी, जिससे मरीज की जान चली गई थी। कोर्ट ने साफ किया कि वकीलों के लिए वैध चैंबर देने की प्रक्रिया अलग से चलेगी, लेकिन सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट ने 25 मई को इस पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।
सुरक्षा और प्रशासन की क्या तैयारी है
कार्रवाई को 17 मई (रविवार) के लिए इसलिए तय किया गया है ताकि कोर्ट के कामकाज में कोई रुकावट न आए। नगर निगम जोन-1 के जोनल अधिकारी ओपी सिंह के नेतृत्व में यह अभियान तीन अलग-अलग दिशाओं से एक साथ चलाया जाएगा। इसके लिए कई जेसीबी मशीनें मंगवाई गई हैं और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ कोर्ट परिसर में बुलडोजर कार्रवाई कब होगी
नगर निगम द्वारा अवैध चैंबरों और दुकानों को हटाने की कार्रवाई 17 मई 2026 (रविवार) को की जाएगी।
कितने अवैध निर्माणों को चिन्हित किया गया है
स्वास्थ्य भवन चौराहे से निबंधन कार्यालय तक के सर्वे में 200 से अधिक अवैध ढांचों को चिन्हित किया गया है, जिन पर लाल क्रॉस के निशान लगाए गए हैं।