Lucknow के पॉश इलाकों में डेंगू का खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, स्कूलों में फुल स्लीव कपड़ों की अनिवार्यता
Lucknow: लखनऊ के पॉश इलाकों में हर साल की तरह इस बार भी डेंगू का खतरा बढ़ गया है। शहर के कई इलाकों में केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम अलर्ट मोड पर हैं। सरकार डेंगू से लड़ने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर
Lucknow: लखनऊ के पॉश इलाकों में हर साल की तरह इस बार भी डेंगू का खतरा बढ़ गया है। शहर के कई इलाकों में केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम अलर्ट मोड पर हैं। सरकार डेंगू से लड़ने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है और जगह-जगह फॉगिंग और सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 के पहले पांच दिनों में शहर में 11 डेंगू के मरीज मिले हैं, जबकि जुलाई में 15 केस दर्ज किए गए थे। राहत की बात यह है कि अब तक सभी मरीज मामूली रूप से बीमार रहे हैं और किसी की जान नहीं गई है। हालांकि, जुलाई में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में स्पेशल वार्ड बनाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि इंदिरा नगर, चंदर नगर, अलीगंज, आलम बाग और सरोजिनी नगर जैसे इलाकों में पहले भी डेंगू के ज्यादा मामले देखे गए हैं, इसलिए यहां ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रितु श्रीवास्तव ने लोगों से अपील की है कि वे अपने कूलर, गमलों और छतों पर पानी जमा न होने दें, क्योंकि यहीं एडीज मच्छर पनपते हैं।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ‘दस्तक अभियान’ के दौरान साफ कहा कि सिर्फ सरकारी कोशिशों से डेंगू खत्म नहीं होगा, इसमें आम जनता की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने लोगों को अपने आसपास सफाई रखने और पानी जमा न होने देने की सलाह दी है।
UP सरकार ने बचाव के लिए कुछ कड़े कदम उठाए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों में बच्चों के लिए फुल स्लीव की शर्ट और पैंट पहनना अनिवार्य कर दिया है ताकि उन्हें मच्छरों से बचाया जा सके। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि लोग तेज बुखार आने पर खुद डॉक्टर न बनें और तुरंत नजदीकी अस्पताल या PHC में जांच कराएं।
अधिकारियों ने बताया कि अगर किसी को पेट में तेज दर्द, बार-बार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो, तो यह गंभीर डेंगू के लक्षण हो सकते हैं और तुरंत इलाज कराना चाहिए।