Lucknow: राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में लोगों ने स्व-जनगणना की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की है। इंदिरा नगर आवासीय महासमिति का कहना है कि कई कॉलोनियों और मोहल्लों में अभी तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है। फिलहाल स्व-जन
Lucknow: राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में लोगों ने स्व-जनगणना की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की है। इंदिरा नगर आवासीय महासमिति का कहना है कि कई कॉलोनियों और मोहल्लों में अभी तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है। फिलहाल स्व-जनगणना की अंतिम तिथि 21 मई 2026 तय की गई है, जिसके बाद सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
स्व-जनगणना की प्रक्रिया और जरूरी नियम क्या हैं?
इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल है और नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं। जो लोग ऑनलाइन फॉर्म भरेंगे, उन्हें 11 अंकों की एक SE ID मिलेगी, जिसे बाद में सत्यापन के लिए गणनाकर्मी को दिखाना होगा। जनगणना के दौरान कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें घर की स्थिति और परिवार के सदस्यों की जानकारी शामिल है। गलत जानकारी देने या गणना से मना करने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
जनगणना के अलग-अलग चरण और समय सीमा
जनगणना-2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें मकानों की लिस्टिंग और परिवारों का विवरण लिया जाएगा। दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या की गिनती और जातिगत जनगणना की जाएगी। यूपी की जनगणना निदेशक आईएएस शीतल वर्मा ने बताया कि पूरा डेटा सुरक्षित रहेगा और इसे किसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा।
प्रशासन और बड़े नेताओं की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लोगों से इस प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अपील की है। लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी. ने इसे एक जन-आंदोलन बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा और महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी लोगों को डिजिटल माध्यम से जुड़ने का संदेश दिया है। मायावती और अखिलेश यादव जैसे बड़े नेताओं ने भी अपना ऑनलाइन फॉर्म भर दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्व-जनगणना की अंतिम तिथि क्या है और इसके बाद क्या होगा?
स्व-जनगणना की अंतिम तिथि 21 मई 2026 है। इसके बाद 22 मई से गणनाकर्मी घर-घर जाकर मकानों और परिवारों का विवरण जुटाना शुरू करेंगे।
ऑनलाइन जनगणना फॉर्म भरने के बाद क्या मिलेगा?
ऑनलाइन स्व-गणना पूरी करने वाले नागरिकों को 11 अंकों की एक विशेष ‘स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID)’ प्राप्त होगी, जिसे सत्यापन के समय दिखाना होगा।