UP : लखनऊ अब देश के रक्षा उत्पादन और रिसर्च का बड़ा केंद्र बन रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 7 जून 2026 को एक कार्यक्रम में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब रक्षा उपकरणों के लिए आत्मनिर्भर ह
UP : लखनऊ अब देश के रक्षा उत्पादन और रिसर्च का बड़ा केंद्र बन रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 7 जून 2026 को एक कार्यक्रम में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब रक्षा उपकरणों के लिए आत्मनिर्भर हो रहा है। इससे न केवल देश की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए नौकरी और रिसर्च के नए मौके भी खुलेंगे।
लखनऊ में क्या बन रहा है और कितना निवेश आया है
लखनऊ डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) के तहत शहर में बड़ी इकाइयां लग रही हैं। यहाँ ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने ब्रह्मोस एनजी मिसाइल सिस्टम का उत्पादन शुरू कर दिया है और एरोलॉय टेक्नोलॉजीज टाइटेनियम कास्टिंग बना रही है। लखनऊ नोड में अब तक 4,850 करोड़ रुपये का निवेश आया है, जबकि पूरे कॉरिडोर में कुल निवेश प्रस्ताव 35,526 करोड़ रुपये से ज्यादा के हैं।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नई सुविधाएं
रक्षा मंत्री ने बताया कि अब ज्यादातर रक्षा उपकरण देश में ही बन रहे हैं। सरकार ने रक्षा खरीद और रिसर्च को तेज करने के लिए DFPD S-2026 ढांचा जारी किया है, जिसके तहत 1.25 लाख करोड़ रुपये की वार्षिक वित्तीय शक्तियां दी गई हैं। इसके अलावा, यूपी में कानून-व्यवस्था में सुधार, पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं से उद्योगों को बढ़ावा मिला है।
डिफेंस कॉरिडोर की प्रमुख कंपनियां और उनके काम
- ब्रह्मोस एयरोस्पेस: ब्रह्मोस एनजी मिसाइल प्रणाली का उत्पादन।
- एरोलॉय टेक्नोलॉजीज: टाइटेनियम कास्टिंग का निर्माण।
- संकल्प सेफ्टी सॉल्यूशंस: रक्षा सुरक्षा उपकरण और कपड़े।
- अडानी डिफेंस (कानपुर): गोला-बारूद का निर्माण।
- अमिटेक इलेक्ट्रॉनिक्स (अलीगढ़): सैटेलाइट तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ डिफेंस नोड में कौन सी बड़ी मिसाइल बन रही है?
लखनऊ में डीआरडीओ की ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई द्वारा ब्रह्मोस एनजी मिसाइल प्रणाली का उत्पादन और असेंबली की जा रही है।
यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अब तक कितना निवेश आया है?
पूरे कॉरिडोर के लिए 35,526 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से अकेले लखनऊ नोड में 4,850 करोड़ रुपये का निवेश आया है।