Lucknow के डालीगंज में बंदी माता मंदिर का 44वां वार्षिक उत्सव शुरू, कलश यात्रा में उमड़ी भीड़
Lucknow: गोमती किनारे डालीगंज इलाके में स्थित पौराणिक बंदी माता मंदिर का 44वां वार्षिक उत्सव सोमवार, 27 जुलाई 2026 से शुरू हो गया है। इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत सुबह 9 बजे एक भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुई, जिसमें बड़ी स
Lucknow: गोमती किनारे डालीगंज इलाके में स्थित पौराणिक बंदी माता मंदिर का 44वां वार्षिक उत्सव सोमवार, 27 जुलाई 2026 से शुरू हो गया है। इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत सुबह 9 बजे एक भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश लेकर शामिल हुईं। यह उत्सव 2 अगस्त 2026 तक चलेगा, जिसमें कई धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शोभायात्रा का नेतृत्व दशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत देवेंद्र पुरी महाराज ने किया। भाजपा लखनऊ महानगर के महामंत्री घनश्याम दास अग्रवाल ने यात्रा का पूजन-अर्चन कर इसे रवाना किया। वहीं विधायक डॉ. नीरज बोरा, पार्षद रणजीत सिंह और पूर्व पार्षद रेखा रोशनी ने दीप जलाकर उत्सव का विधिवत उद्घाटन किया। मंदिर के महंत मनोहर पुरी महाराज और महंत पूजा पुरी ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
यह शोभायात्रा बंदी माता मंदिर से शुरू होकर अयोध्या मार्ग, डालीगंज पुल, टैगोर मार्ग, मनकामेश्वर मंदिर, लम्बेश्वर मंदिर, जोशी टोला चौराहा और महर्षि वाल्मीकि आशीर्वाद मंडपम से गुजरी। लगभग तीन किलोमीटर का सफर तय करने के बाद यात्रा वापस मंदिर परिसर पहुंची।
सात दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में कई खास कार्यक्रम रखे गए हैं। 27 जुलाई को दोपहर 1 बजे से सप्तचंडी महायज्ञ शुरू हुआ, जिसका संचालन नैमिषारण्य से आए विद्वान आचार्य कर रहे हैं। इसके अलावा शाम 5 बजे से वृंदावन की कथावाचक रोली शास्त्री द्वारा श्रीमद्भागवत कथा, शाम 7 बजे से भजन गायक राकेश लक्खा की भजन संध्या और रात 9 बजे से वृंदावन के कलाकारों द्वारा रासलीला का आयोजन किया गया। आने वाले दिनों में संत सम्मेलन, मानस सम्मेलन और गोमती नदी की सफाई करने वाले स्वयंसेवकों का सम्मान भी किया जाएगा।