Lucknow में गरीबों के आवास पर नोटिस चस्पा, सिंचाई विभाग और LDA के बीच छिड़ा विवाद, शासन ने बिठाई जांच

Lucknow: राजधानी के डालीबाग इलाके में सरदार पटेल आवासीय योजना के फ्लैटों पर सिंचाई विभाग ने नोटिस चस्पा कर दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद उन गरीब परिवारों में डर का माहौल है जिन्हें हाल ही में घर मिले थे। मामला अब शासन तक प

Lucknow: राजधानी के डालीबाग इलाके में सरदार पटेल आवासीय योजना के फ्लैटों पर सिंचाई विभाग ने नोटिस चस्पा कर दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद उन गरीब परिवारों में डर का माहौल है जिन्हें हाल ही में घर मिले थे। मामला अब शासन तक पहुंच गया है और जांच शुरू हो गई है।

घटना 18 जून 2026 की है जब सिंचाई विभाग ने फ्लैटों पर नोटिस लगाकर सात दिनों के भीतर कब्जा हटाने का अल्टीमेटम दिया। विभाग का कहना है कि यह जमीन उनकी है और इस पर किया गया निर्माण अवैध है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अगर समय पर कब्जा नहीं हटाया गया तो विभाग खुद कार्रवाई करेगा और इसका पूरा खर्च और हर्जाना आवंटी से वसूला जाएगा।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह जमीन पहले माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे में थी। LDA ने इसी 2314 वर्ग मीटर जमीन को मुक्त कराकर वहां 72 फ्लैट बनाए थे। नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इन फ्लैटों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सालों तक वहां मुख्तार अंसारी का बंगला खड़ा रहा तब सिंचाई विभाग ने कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई।

इस विवाद के बाद अब सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक शासन ने इस मामले की जांच बिठाई है और नोटिस चस्पा करने वाले अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है। वहीं LDA ने इस पूरे भूमि विवाद की जानकारी शासन को भेज दी है।

दूसरी तरफ LDA ने दो रद्द हुए फ्लैटों के लिए 5 जून से 20 जून तक दोबारा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू की है। फिलहाल इस विवाद की वजह से लाभार्थियों और प्रशासन के बीच तनाव बना हुआ है।