UP : लखनऊ में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर लोगों को अपना शिकार बनाया है। शहर के चार व्यापारियों के मोबाइल हैक करके उनके बैंक खातों से कुल 5.05 लाख रुपये चोरी कर लिए गए। सभी पीड़ितों ने इस धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस में दर
UP : लखनऊ में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर लोगों को अपना शिकार बनाया है। शहर के चार व्यापारियों के मोबाइल हैक करके उनके बैंक खातों से कुल 5.05 लाख रुपये चोरी कर लिए गए। सभी पीड़ितों ने इस धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है।
किस व्यापारी के खाते से कितने पैसे निकले
- आदर्श अवस्थी (वृंदावन योजना): बैंक ऑफ बड़ौदा और एक्सिस बैंक के खातों से सात बार में 2,46,066 रुपये निकाले गए।
- गुरमीत सिंह (कृष्णानगर): HDFC और PNB बैंक खातों से 1.10 लाख रुपये चोरी हुए।
- पवन कुमार चौहान (मडियांव): यूको बैंक खाते से तीन बार में एक लाख रुपये निकाले गए।
- संदीप कुमार (जानकीपुरम): यूनियन बैंक खाते से पेटीएम के जरिए 48,487 रुपये ट्रांसफर किए गए।
ठगी का तरीका क्या था
साइबर जालसाजों ने अलग-अलग तरीकों से इन व्यापारियों को ठगा। गुरमीत सिंह को एक कूरियर कंपनी का अधिकारी बनकर कॉल किया गया और एक डिलीवरी लिंक भेजा गया, जिससे उनका मोबाइल हैक हो गया। वहीं संदीप कुमार का मोबाइल रीसेट होने के बाद उनके खाते से पैसे गायब हुए। अन्य पीड़ितों के मोबाइल भी हैक करके उनके बैंक खातों तक पहुंच बनाई गई और पैसे निकाल लिए गए।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा सलाह
पुलिस ने गुरमीत सिंह की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय लखनऊ अब इन साइबर अपराधों पर कड़ी नजर रख रहा है। साइबर एक्सपर्ट्स ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने बैंक खातों की गतिविधियों को नियमित चेक करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में व्यापारियों के साथ साइबर ठगी कैसे हुई?
जालसाजों ने कूरियर अधिकारी बनकर फर्जी लिंक भेजे और मोबाइल हैक किए। कुछ मामलों में मोबाइल रीसेट होने के बाद पेटीएम और अन्य माध्यमों से पैसे निकाले गए।
इस मामले में पुलिस ने क्या एक्शन लिया है?
पुलिस ने पीड़ित गुरमीत सिंह की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।