Lucknow में सिम बंद कराकर बैंक खाता खाली, 16 दिन में ठगों ने उड़ाए 4.50 लाख रुपए

Lucknow: राजधानी के मोहनलालगंज इलाके में साइबर ठगों ने एक युवक को अपना शिकार बनाया है। हरिद्वार यात्रा पर गए युवक का पहले मोबाइल सिम बंद कराया गया और फिर उसके बैंक खातों से धीरे-धीरे पैसे निकाल लिए गए। ठगों ने 16 दिनों क

Lucknow: राजधानी के मोहनलालगंज इलाके में साइबर ठगों ने एक युवक को अपना शिकार बनाया है। हरिद्वार यात्रा पर गए युवक का पहले मोबाइल सिम बंद कराया गया और फिर उसके बैंक खातों से धीरे-धीरे पैसे निकाल लिए गए। ठगों ने 16 दिनों के भीतर दो अलग-अलग खातों से करीब 4.50 लाख रुपए साफ कर दिए।

यह मामला मोहनलालगंज के कुढा गांव निवासी संदीप कुमार के साथ हुआ। ठगों ने 5 जून से 21 जून के बीच उनके Union Bank of India के दो खातों से पैसे निकाले। पीड़ित का कहना है कि सिम बंद होने की वजह से उन्हें बैंक से कोई एसएमएस अलर्ट नहीं मिला, जिससे उन्हें समय पर पता नहीं चल पाया। संदीप ने इस संबंध में मोहनलालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन संतोषजनक कार्रवाई न होने पर अब उन्होंने लखनऊ साइबर क्राइम सेल का दरवाजा खटखटाया है।

उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों को रोकने के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने 6 जुलाई, 2026 से ‘ऑपरेशन साई-वज्र’ (Operation Cy-Vajra) शुरू किया है। इस अभियान के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और पीड़ितों को वित्तीय राहत दिलाने पर जोर दिया गया है। डीजीपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिकायतों का तुरंत पंजीकरण करें ताकि ठगों के पास पहुंचने से पहले पैसों को फ्रीज कराया जा सके।

साइबर सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी नियम और कदम नीचे दिए गए हैं:

जरूरी कदम/नियम विवरण
तत्काल कार्रवाई सिम बंद होने पर तुरंत टेलीकॉम ऑपरेटर और बैंक को सूचित कर खाते फ्रीज कराएं।
शिकायत पोर्टल साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें।
TRAI नियम नया सिम लेने के बाद नंबर पोर्ट करने के लिए 7 दिन की प्रतीक्षा अवधि अनिवार्य है।
RBI गाइडलाइन डिजिटल लेनदेन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का उपयोग करें।
कानूनी धाराएं पहचान की चोरी पर IT एक्ट की धारा 66C और धोखाधड़ी पर IPC की धारा 420 लागू होती है।

लखनऊ और आसपास के इलाकों में साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में बाराबंकी पुलिस ने म्यूल अकाउंट चलाने वाले 4 लोगों को पकड़ा है, जबकि लखनऊ क्राइम ब्रांच ने क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चीन पैसे भेजने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 2 जुलाई को एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट का खुलासा भी किया था जिसमें 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था।