Lucknow में साइबर फ्रॉड का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, शेल कंपनियों के जरिए करोड़ों की हेराफेरी करने वाले 4 गिरफ्तार

Lucknow: लखनऊ पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ऐसे चार लोगों को पकड़ा है जो फर्जी शेल कंपनियों के जरिए काले धन को सफेद करने का काम कर रहे थे। यह पूरा खेल ऑनलाइन

Lucknow: लखनऊ पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ऐसे चार लोगों को पकड़ा है जो फर्जी शेल कंपनियों के जरिए काले धन को सफेद करने का काम कर रहे थे। यह पूरा खेल ऑनलाइन सट्टेबाजी और सेक्सटॉर्शन से जुड़ा था, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन होने का शक है।

एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथ लखनऊ) रल्लापल्ली वसंत कुमार ने बताया कि सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस स्टेशन और साइबर सेल की टीम ने वित्तीय लेनदेन की जांच के बाद यह बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने उन्नाव के सत्येंद्र सविता और बिहार के पूर्वी चंपारण के निप्पू कुमार, मनीष कुमार और सन्नी कुमार को गिरफ्तार किया है। गैंग का मुख्य सरगना अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

यह गिरोह बहुत शातिर तरीके से काम करता था। ये लोग फर्जी कंपनियां बनाते थे और उनके नाम पर कॉर्पोरेट बैंक खाते खुलवाते थे। इनमें कंड्रेड एलिमेंट्स और केडीएस प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के नाम सामने आए हैं। इन खातों का कंट्रोल हैंडलर्स के पास होता था, जिन्हें इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम कार्ड और ओटीपी जैसी सारी जानकारी डिजिटल तरीके से व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए दी जाती थी।

साइबर ठगी और सट्टेबाजी से आया पैसा इन खातों में जमा होता था, जिसे बाद में कई बार घुमाया जाता था या क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया जाता था ताकि पुलिस को पैसे का असली स्रोत पता न चले। स्थानीय हैंडलर अपना कमीशन काटकर बाकी पैसा आगे भेज देते थे।

बरामद सामान संख्या
चेक बुक 79
एटीएम कार्ड 77
सिम कार्ड 29
एंड्रॉइड फोन 15
कीपैड मोबाइल 14
POS मशीनें 6
लैपटॉप 3
रबर स्टैंप 6

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के आंकड़ों के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ देशभर में 718 शिकायतें दर्ज हैं। अनुमान है कि पिछले डेढ़ साल में इन खातों के जरिए करीब 7 से 8 करोड़ रुपये की ठगी की गई है।