Lucknow में साइबर फ्रॉड केस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड और 6 लाइन हाजिर

Lucknow: राजधानी लखनऊ में अमेरिका के लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मामले में पुलिस ने अपने ही विभाग के कर्मियों पर सख्त एक्शन लिया है। जांच के बाद साइबर क्राइम पुलिस के 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है,

Lucknow: राजधानी लखनऊ में अमेरिका के लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मामले में पुलिस ने अपने ही विभाग के कर्मियों पर सख्त एक्शन लिया है। जांच के बाद साइबर क्राइम पुलिस के 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें से 3 को सस्पेंड कर दिया गया और 6 को लाइन हाजिर किया गया है। यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाया गया जिनमें आरोप था कि कुछ पुलिसकर्मियों ने समिट बिल्डिंग से पकड़े गए आरोपियों को पैसे लेकर छोड़ दिया था।

इस पूरे मामले में अब तक कुल 123 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हाल ही में गुजरात के 38 वर्षीय नितेशभाई पदमाशाली को पकड़ा गया है। नितेश इस अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट में बैंकर की भूमिका निभाता था। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को यह समझने में मदद मिली है कि यह गिरोह पैसों के लेन-देन को कैसे मैनेज करता था।

ठगी का तरीका बहुत शातिर था। सबसे पहले अमेरिका के लोगों को मैसेज भेजा जाता था कि उनके खाते से 200 से 500 डॉलर कटे हैं और इसे रोकने के लिए एक टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें। जब पीड़ित कॉल करता था, तो डायलर्स उनसे उनकी जानकारी लेते थे और फिर कॉल बैंकर के पास भेज देते थे। बैंकर उन्हें भरोसा दिलाता था कि उनके सोशल सिक्योरिटी नंबर का गलत इस्तेमाल कर बैंक खाते खोले गए हैं और इसी तरह उन्हें ठगा जाता था।

इस केस में लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम टीम लगातार काम कर रही है। एडीसीपी किरण यादव और डीसीपी डॉ. दीक्षा शर्मा समेत कई बड़े अधिकारी इस जांच का नेतृत्व कर रहे हैं। समिट बिल्डिंग की मालकिन रुचि अग्रवाल को भी 250 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी के मामले में नोटिस दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि जांच जारी है और अगर किसी और पुलिसकर्मी की मिलीभगत सामने आई तो उन पर भी कार्रवाई होगी।

बता दें कि 1 जुलाई 2026 को समिट बिल्डिंग में छापेमारी कर 119 लोगों को पकड़ा गया था। इसके बाद 10 अगस्त को पुलिस ने 3707 म्यूल खाते फ्रीज किए और हजारों संदिग्ध मोबाइल नंबर और IMEI ब्लॉक किए ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।