UP: लखनऊ के डालीगंज इलाके के एक युवक से 68 लाख रुपये की ठगी करने वाला नाइजीरियन नागरिक दिल्ली से गिरफ्तार हुआ है। UP STF ने दक्षिण दिल्ली के खानपुर इलाके से उचेनवा नाम के इस आरोपी को पकड़ा है। आरोपी फेसबुक पर विदेशी महिल
UP: लखनऊ के डालीगंज इलाके के एक युवक से 68 लाख रुपये की ठगी करने वाला नाइजीरियन नागरिक दिल्ली से गिरफ्तार हुआ है। UP STF ने दक्षिण दिल्ली के खानपुर इलाके से उचेनवा नाम के इस आरोपी को पकड़ा है। आरोपी फेसबुक पर विदेशी महिला बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था और उनसे लाखों रुपये वसूलता था।
ठगी का तरीका क्या था और कैसे फंसाया गया
आरोपी और उसके साथी फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर अमेरिका और ब्रिटेन के नागरिकों के फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। इस मामले में आरोपी ने ‘डोरिस विलियम’ नाम की एक ब्रिटिश महिला का फर्जी प्रोफाइल बनाया और लखनऊ के युवक से दोस्ती की। उसने पीड़ित को विदेश से महंगे तोहफे और विदेशी करेंसी भेजने का लालच दिया। इसके बाद आरोपी ने खुद को कस्टम और इनकम टैक्स अधिकारी बताकर पार्सल छुड़ाने के नाम पर कस्टम ड्यूटी और GST के बहाने करीब 68 लाख रुपये ठग लिए।
आरोपी का पुराना रिकॉर्ड और STF की कार्रवाई
पकड़ा गया आरोपी उचेनवा नाइजीरिया के ओलो स्टेट का रहने वाला है और 2010 में गारमेंट बिजनेस के लिए भारत आया था। वह पहले भी ऐसे ही अपराधों में शामिल रहा है और 2020 में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद करीब चार साल जेल में बिता चुका है। STF ने उसके पास से 3 मोबाइल फोन और 4 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और उससे जुड़े बैंक खातों की जांच की जा रही है।
केस की मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| आरोपी का नाम |
उचेनवा (नाइजीरियाई नागरिक) |
| ठगी की रकम |
करीब 68 लाख रुपये |
| पीड़ित का पता |
डालीगंज, लखनऊ |
| गिरफ्तारी का स्थान |
खानपुर, दक्षिण दिल्ली |
| जांच एजेंसी |
UP STF |
| बरामद सामान |
3 मोबाइल, 4 सिम कार्ड |
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपी ने ठगी के लिए किस नाम का इस्तेमाल किया था?
आरोपी ने फेसबुक पर ‘डोरिस विलियम’ नाम की एक ब्रिटेन की महिला का फर्जी प्रोफाइल बनाया था, जिसके जरिए उसने लखनऊ के युवक को अपने जाल में फंसाया।
ठगी की रकम किस बहाने मांगी गई थी?
आरोपी ने विदेश से महंगे गिफ्ट भेजने का वादा किया था और बाद में कस्टम या इनकम टैक्स अधिकारी बनकर पार्सल क्लियर कराने के लिए ड्यूटी और टैक्स के नाम पर पैसे मांगे थे।