Lucknow में ‘मिनी जामताड़ा’ का भंडाफोड़, IPS किरन यादव ने 119 ठगों को दबोचा

Lucknow: लखनऊ पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बहुत बड़े नेटवर्क को खत्म किया है। एडीसीपी क्राइम IPS किरन यादव के नेतृत्व में पुलिस ने गोमती नगर की समिट बिल्डिंग में छापेमारी कर एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया।

Lucknow: लखनऊ पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बहुत बड़े नेटवर्क को खत्म किया है। एडीसीपी क्राइम IPS किरन यादव के नेतृत्व में पुलिस ने गोमती नगर की समिट बिल्डिंग में छापेमारी कर एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में पुलिस ने 92 लड़कों और 27 लड़कियों समेत कुल 119 लोगों को गिरफ्तार किया है।

यह पूरा गिरोह ‘सोलारिस सॉल्यूशन’ नाम से एक फर्जी कंपनी चला रहा था। ये लोग अमेरिका के लोगों को निशाना बनाते थे और खुद को अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल और फेसबुक जैसी बड़ी कंपनियों या सरकारी अफसर बताते थे। ठग लोगों को तकनीकी मदद का झांसा देते थे या फिर उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों में फंसने की धमकी देकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाते थे।

पैसे ऐंठने के लिए यह गिरोह बैंक ट्रांसफर के बजाय गिफ्ट कार्ड, क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल कूपन का इस्तेमाल करता था ताकि पुलिस और सरकारी एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके। इस ऑपरेशन में पुलिस ने भारी मात्रा में सामान बरामद किया है।

बरामद सामान संख्या/विवरण
लैपटॉप 103
मोबाइल फोन 177-178 (68 एप्पल आईफोन सहित)
अन्य उपकरण स्टोरेज डिवाइस और डिजिटल साक्ष्य
नेटवर्थ 500 करोड़ रुपये से अधिक

पुलिस जांच में पता चला है कि इस गिरोह का जाल उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों तक फैला था। ठगी की रकम हवाला के जरिए तीन अलग-अलग देशों में भेजी जाती थी। इस कार्रवाई को पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देशन और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार व डीसीपी अनिल कुमार यादव के मार्गदर्शन में पूरा किया गया।

पुलिस ने ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार को भी गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल बरामद लैपटॉप और मोबाइल की फोरेंसिक जांच चल रही है। थाना साइबर क्राइम में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और टेलीकॉम एक्ट-2023 की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।