Lucknow में IG के नाम से फर्जी व्हाट्सएप आईडी बनाकर ठगी, व्यक्ति से ठगे 1.58 लाख रुपये
Lucknow: राजधानी लखनऊ में साइबर ठगों ने एक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर एक व्यक्ति से करीब 1.58 लाख रुपये ठग लिए हैं। ठगों ने आईजी सुभाष चंद्र दुबे के नाम से फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाई और पीड़ित को झा
Lucknow: राजधानी लखनऊ में साइबर ठगों ने एक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर एक व्यक्ति से करीब 1.58 लाख रुपये ठग लिए हैं। ठगों ने आईजी सुभाष चंद्र दुबे के नाम से फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाई और पीड़ित को झांसे में लेकर पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
यह पूरी घटना 9 जुलाई 2026 को हुई। महानगर पुलिस क्षेत्र की पेपर मिल कॉलोनी के रहने वाले प्रवीण चौधरी को एक व्हाट्सएप मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने अपना नाम समीट कुमार बताया और दावा किया कि वह आईजी सुभाष चंद्र दुबे के करीबी हैं। ठगों ने प्रवीण चौधरी को सस्ते दाम पर हाउस अप्लायंसेज बेचने का लालच दिया और धीरे-धीरे यूपीआई के जरिए कुल 1.58 लाख रुपये अपने खाते में मंगवा लिए।
जब प्रवीण चौधरी को धोखे का अहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। लखनऊ पुलिस ने इस मामले में महानगर थाने में साइबर ठगी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। साइबर क्राइम टीम अब आरोपी के मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और बैंक खातों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि वह जल्द ही ठगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लेगी।
इस घटना के बाद साइबर क्राइम सेल और महानगर पुलिस ने एक बड़ा मनी ट्रेल ऑडिट शुरू किया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसा कहां गया। अधिकारियों ने आम जनता को चेतावनी दी है कि अगर किसी अनजान सोशल मीडिया प्रोफाइल से पैसों की मांग की जाए या कोई बड़ा ऑफर दिया जाए, तो उस पर भरोसा न करें। ऐसे मामलों की तुरंत जानकारी राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।
वहीं, लखनऊ पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ के तहत एक अलग कार्रवाई में नौ साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 50 एटीएम कार्ड और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। हालांकि, यह गिरफ्तारी आईजी वाले मामले से अलग है, लेकिन पुलिस अब डिजिटल ठगी रोकने के लिए व्हाट्सएप के साथ मिलकर ‘112Bot’ जैसे सिस्टम पर भी काम कर रही है ताकि संदिग्ध बातचीत को समय रहते पकड़ा जा सके।