Lucknow में फर्नीचर कारीगर और स्टूडेंट्स चला रहे थे इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड गैंग, 9 गिरफ्तार

Lucknow: लखनऊ की मड़ियांव पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गैंग में हैरानी की बात यह है कि इसमें फर्नीचर बनाने वाले कारीगर, पेंटर और कॉलेज के छात्र शामिल थे। पु

Lucknow: लखनऊ की मड़ियांव पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गैंग में हैरानी की बात यह है कि इसमें फर्नीचर बनाने वाले कारीगर, पेंटर और कॉलेज के छात्र शामिल थे। पुलिस ने ‘ऑपरेशन CY-VAJRA’ के तहत कार्रवाई करते हुए रविवार, 12 जुलाई 2026 को कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है।

DCP North गोपाल चौधरी के निर्देशन में मड़ियांव पुलिस, क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीम ने यह ऑपरेशन चलाया। यह गैंग शहर से लेकर गांवों तक जाकर गरीब और मजदूर तबके के लोगों को अपना शिकार बनाता था। गैंग के सदस्य मासूम लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और फिर उनके ATM कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने कब्जे में ले लेते थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी के पैसे जमा करने के लिए किया जाता था, जिन्हें ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है।

पुलिस के मुताबिक, ठगी से मिले पैसों को USDT क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर चीन के साइबर अपराधियों को भेजा जाता था। इस काम के बदले गैंग के सदस्यों को कमीशन मिलता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 50 ATM और क्रेडिट कार्ड, तीन चेकबुक, दो पासबुक, एक टैबलेट, एक iPad और 53,100 रुपये कैश बरामद किए हैं। साथ ही एक कार (UP32FB8191) और एक बाइक (UP32GA4936) भी जब्त की गई है।

नाम उम्र पेशा/पहचान
मोहम्मद शाहरुख 20 फर्नीचर कारीगर
महफूज खान 19 Zomato डिलीवरी बॉय
सैय्यद अब्दुल्ला 22 LLB स्टूडेंट
मोहम्मद बसर 21 Blinkit डिलीवरी बॉय
मोहम्मद रूबन 21 पेंटर
शबीर 27 NEET एस्पिरेंट
सिकंदर 21 स्टूडेंट
फरहान 26 स्टूडेंट
तुफैल 24 स्टूडेंट

इस गैंग के मास्टरमाइंड आजम और अब्दुल अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल वॉलेट और टेलीग्राम चैट की जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। मड़ियांव पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और IT एक्ट की धारा 66-C के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कामयाबी के लिए DCP North ने पुलिस टीम को 10,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

वहीं, साइबर फ्रॉड से परेशान लोगों के लिए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने Money Restoration Module (MRM) शुरू किया है। अब 50,000 रुपये तक की ठगी के शिकार लोग बिना FIR दर्ज कराए अपना पैसा वापस पा सकते हैं, बशर्ते उन्होंने 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की हो।