Lucknow में साइबर ठगों का आतंक, 5 लोगों से 21 लाख रुपये ठगे; शेयर बाजार और हैकिंग का बनाया सहारा

Lucknow: राजधानी लखनऊ में साइबर अपराधियों ने जाल बिछाकर पांच लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे कुल 21.29 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने कुछ लोगों को शेयर बाजार में निवेश का लालच दिया तो कुछ के मोबाइल फोन हैक कर पैसे उड़ा लिए।

Lucknow: राजधानी लखनऊ में साइबर अपराधियों ने जाल बिछाकर पांच लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे कुल 21.29 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने कुछ लोगों को शेयर बाजार में निवेश का लालच दिया तो कुछ के मोबाइल फोन हैक कर पैसे उड़ा लिए। शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले इन लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।

ठगी का यह सिलसिला अलग-अलग तरीकों से चला। किसी को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए फंसाया गया तो किसी के साथ वीडियो कॉल के जरिए धोखाधड़ी हुई। पुलिस ने विभूतिखंड, जानकीपुरम, महानगर, कृष्णनगर और गोमतीनगर थानों में एफआईआर दर्ज की है। साइबर सेल की टीमें अब इन मामलों की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके।

पीड़ित का नाम इलाका ठगी की राशि तरीका
Ratnesh Kumar Vibhutikhand 10.46 लाख WhatsApp ग्रुप (शेयर बाजार निवेश)
Pankaj Kumar Gupta Krishnanagar 6.03 लाख WhatsApp ग्रुप (शेयर ट्रेडिंग)
Hina Chandani Jankipuram Extension 3 लाख अकाउंट से पैसे निकाले गए
Ashok Kumar Kashyap Mahanagar 1 लाख मोबाइल फोन हैकिंग
Rumana Khatoon Gomtinagar 80 हजार संदिग्ध वीडियो कॉल

साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने 1 जून 2026 को लखनऊ में 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन का अपग्रेड वर्जन 2.0 और ‘साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर’ (CFMC) शुरू किया है।

डीजीपी Rajiv Krishna ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ मिनट यानी ‘गोल्डन मिनट्स’ बहुत कीमती होते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। आरबीआई और बैंकों के साथ मिलकर बनाए गए इस नए सिस्टम से संदिग्ध ट्रांजेक्शन को जल्दी रोका जा सकेगा और पीड़ितों के पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।