UP: लखनऊ के CSIR-नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (NBRI) में 26 मई, 2026 को बड़े मंगल के मौके पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में श्रद्धा और सेवा के साथ-साथ पर्यावरण बचाने का संदेश भी दिया गया। संस्थान
UP: लखनऊ के CSIR-नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (NBRI) में 26 मई, 2026 को बड़े मंगल के मौके पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में श्रद्धा और सेवा के साथ-साथ पर्यावरण बचाने का संदेश भी दिया गया। संस्थान की ओर से लोगों को 1000 तुलसी के पौधे वितरित किए गए ताकि लोग प्रकृति से जुड़ सकें।
बड़े मंगल और पर्यावरण संरक्षण की क्या है खास बात
इस साल अधिक मास की वजह से ज्येष्ठ महीने में कुल आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं, ऐसा 19 साल में पहली बार हो रहा है। इसी को देखते हुए लखनऊ में ‘हरित बड़ा मंगल अभियान’ चलाया जा रहा है। इसका मकसद धार्मिक परंपराओं को पर्यावरण की सुरक्षा से जोड़ना है। इस पहल के जरिए भंडारों को पूरी तरह इको-फ्रेंडली बनाने की कोशिश की जा रही है।
भंडारों में प्लास्टिक पर पाबंदी और नए नियम
अभियान के तहत अब भंडारों में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसकी जगह पत्तल, बांस और पापड़ जैसी चीजों का उपयोग होगा जो आसानी से गल जाती हैं। लोक भारती लखनऊ और आरएसएस के पर्यावरण विभाग ने मिलकर इसके लिए बैठकें की हैं। आयोजकों को कचरा प्रबंधन और कूड़े को अलग करने की ट्रेनिंग दी जा रही है और इसके लिए स्वच्छता टीम बनाई जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
CSIR-NBRI ने बड़े मंगल पर क्या पहल की?
CSIR-NBRI ने परिसर में विशाल भंडारा आयोजित किया और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 1000 तुलसी के पौधों का वितरण किया।
हरित बड़ा मंगल अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का उद्देश्य भंडारों को पर्यावरण अनुकूल बनाना है, जिसमें सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को हटाकर जैविक सामग्री का उपयोग और बेहतर कचरा प्रबंधन करना शामिल है।