Lucknow में CRPF जवान की मौत पर बवाल, परिजनों ने शव रखकर किया प्रदर्शन; पत्नी ने लगाया प्रताड़ना का आरोप

Lucknow/Hardoi: मणिपुर में तैनात CRPF जवान विनीत सिंह की संदिग्ध मौत के बाद लखनऊ में भारी हंगामा हुआ। परिजनों ने जवान के शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे काफी देर तक यातायात बाधित रहा। परिवार का आरोप है कि ज

Lucknow/Hardoi: मणिपुर में तैनात CRPF जवान विनीत सिंह की संदिग्ध मौत के बाद लखनऊ में भारी हंगामा हुआ। परिजनों ने जवान के शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे काफी देर तक यातायात बाधित रहा। परिवार का आरोप है कि जवान की मौत अधिकारियों द्वारा दी गई मानसिक प्रताड़ना की वजह से हुई है।

विनीत सिंह मणिपुर की 112वीं बटालियन में तैनात थे और मूल रूप से हरदोई जिले के रहने वाले थे। घटनाक्रम के मुताबिक, 5 अगस्त 2026 की शाम करीब 7:36 बजे विनीत ने अपनी पत्नी नेहा सिंह से आखिरी बार बात की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने बुखार, मौसमी बीमारी और कैंप में हुई गोलीबारी के कारण तनाव में होने की बात कही थी। उन्होंने यह भी बताया कि छुट्टी मांगने के बावजूद उन्हें अवकाश नहीं दिया गया था।

इस बातचीत के महज 11 मिनट बाद, शाम 7:47 बजे CRPF अधिकारियों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए पत्नी को सूचना दी कि विनीत कैंप परिसर में बैरक के पीछे गंभीर रूप से घायल मिले हैं, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। अधिकारियों का दावा है कि विनीत सिंह ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है, लेकिन पत्नी नेहा सिंह ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

6 अगस्त की देर रात जब पार्थिव शरीर लखनऊ पहुंचा, तो परिजनों ने बुद्धेश्वर फ्लाईओवर के पास शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए और विनीत सिंह को शहीद का दर्जा देते हुए सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता दी जाए।

पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि परिजनों की मांगों से शासन को अवगत करा दिया गया है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 7 अगस्त को अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने प्रदर्शन खत्म किया। इसके बाद शव को हरदोई स्थित उनके पैतृक गांव ले जाया गया, जहां शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।