Lucknow में कोर्ट परिसर में हिंसा के बाद 4 वकीलों पर बड़ी कार्रवाई, 24 अगस्त तक कोर्ट में एंट्री बैन
Lucknow: लखनऊ जिला न्यायालय परिसर में हुई हिंसा के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त कदम उठाया है। कोर्ट ने चार अधिवक्ताओं के जिले के किसी भी अदालत परिसर में प्रवेश करने पर 24 अगस्त, 2026 तक रोक लगा दी है।
Lucknow: लखनऊ जिला न्यायालय परिसर में हुई हिंसा के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त कदम उठाया है। कोर्ट ने चार अधिवक्ताओं के जिले के किसी भी अदालत परिसर में प्रवेश करने पर 24 अगस्त, 2026 तक रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश दिया।
यह पूरा मामला 21 जुलाई, 2026 को हुआ था, जब लखनऊ जिला न्यायालय परिसर में एक वादकारी मोहम्मद शाकिर और दिल्ली से आए उनके वकीलों के साथ मारपीट और धमकी देने का आरोप लगा था। हाईकोर्ट ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया और इसे जनहित याचिका (PIL) के रूप में दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि न्यायपालिका को मुट्ठीभर लोगों का बंधक नहीं बनने दिया जा सकता और बार की ‘काली भेड़ों’ की पहचान कर उन्हें जवाबदेह बनाना जरूरी है।
कोर्ट ने जिन वकीलों पर प्रतिबंध लगाया है, उनके नाम सौरभ कुमार वर्मा (सेंट्रल बार एसोसिएशन के कनिष्ठ उपाध्यक्ष), हर्षित पांडेय, यश पांडेय और अभय प्रताप वर्मा हैं। इन चारों की अब इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से गोपनीय जांच कराई जाएगी। साथ ही, उन्हें पिछले 10 साल का आयकर रिटर्न (ITR), अपनी चल-अचल संपत्ति और परिवार के सदस्यों की जानकारी अदालत में पेश करनी होगी।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रतिबंधित वकील | सौरभ कुमार वर्मा, हर्षित पांडेय, यश पांडेय, अभय प्रताप वर्मा |
| प्रतिबंध की अवधि | 24 अगस्त, 2026 तक |
| जांच एजेंसी | इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) |
| पीड़ित | मोहम्मद शाकिर और दिल्ली के अधिवक्ता |
| एफआईआर धाराएं | BNS 2023: 109, 191(2), 115(2), 127(2) और 351(3) |
| अगली सुनवाई | 24 अगस्त, 2026 |
कोर्ट ने पीड़ित मोहम्मद शाकिर को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश भी दिया है। जिला न्यायाधीश और पुलिस आयुक्त द्वारा पेश किए गए सीसीटीवी फुटेज से हमले की पुष्टि हुई है। इस मामले में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने भी आपराधिक वकीलों की लिस्ट मांगी है और आदेश का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।