Lucknow में धर्मांतरण गैंग का खुलासा, तमिलनाडु के पास्टर दंपति समेत 7 गिरफ्तार; इलाज और पैसों का देते थे लालच

Lucknow/Mohanlalganj : लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में पुलिस ने एक बड़े अवैध धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में तमिलनाडु के एक पास्टर दंपति समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह गरीब लोगों को ब

Lucknow/Mohanlalganj : लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में पुलिस ने एक बड़े अवैध धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में तमिलनाडु के एक पास्टर दंपति समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह गरीब लोगों को बीमारी ठीक करने, आर्थिक मदद और शादी जैसे प्रलोभन देकर उनका धर्म बदलवाने का काम कर रहा था।

पूरा मामला 22 जुलाई 2026 की रात को शुरू हुआ जब अमित कुमार नाम के व्यक्ति को ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद 23 जुलाई को अमित ने मोहनलालगंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 23 और 24 जुलाई के बीच सात आरोपियों को दबोच लिया, जिन्हें बाद में कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी पास्टर डेनियल (उर्फ बाला सुब्रह्मण्यम) तमिलनाडु का रहने वाला है और 1998 से लखनऊ में रह रहा था। उसे वाराणसी सर्किल का पास्टर बनाया गया था। डेनियल ने पूछताछ में माना कि उसे तमिलनाडु के FGPC चर्च से लोगों को ईसाई धर्म से जोड़ने के लिए टारगेट दिए जाते थे और इसके लिए आर्थिक मदद भी मिलती थी। उसके बैंक खाते में पुडुचेरी से हर महीने दो से तीन लाख रुपये आते थे।

गिरफ्तार किए गए लोगों की लिस्ट नीचे दी गई है:

नाम उम्र निवासी/विवरण
पास्टर डेनियल 58 तमिलनाडु (मुख्य आरोपी)
सुबला 51 तमिलनाडु (डेनियल की पत्नी)
चंद्रभान 50 भरसवा गांव
आरती 40 भरसवा गांव
सीमा 35 भरसवा गांव
शीला 39 ठाकुरखेड़ा
अजय रावत 46 मोहनलालगंज क्षेत्र

पुलिस ने आरोपियों के पास से धर्मांतरण से जुड़ी बुकलेट, साहित्य, बैंक स्टेटमेंट और एक बोलेरो गाड़ी बरामद की है। आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने भरसवा और आसपास के गांवों में करीब 60 लोगों का धर्मांतरण कराया है। पुलिस ने अब तक 15 पीड़ितों के बयान दर्ज किए हैं।

इस मामले में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। यूपी के इस कानून के तहत जबरदस्ती या लालच देकर धर्म बदलवाना गैर-जमानती अपराध है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस अब पुडुचेरी से आने वाले पैसों और फंडिंग नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।