Lucknow में ‘चंगाई सभाओं’ के जरिए धर्मांतरण का आरोप, हिंदू महासभा ने CM योगी से की सख्त कानून की मांग
Lucknow: राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में ‘चंगाई सभाओं’ की आड़ में धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश
Lucknow: राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में ‘चंगाई सभाओं’ की आड़ में धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए एक कठोर कानून बनाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि गरीब और मजबूर लोगों को लालच देकर उनका धर्म बदलवाया जा रहा है।
घटनाक्रम की बात करें तो 9 अगस्त 2026 को मोहनलालगंज में एक मकान के अंदर चल रहे चर्च में धर्मांतरण की गतिविधियां पकड़ी गईं। बजरंग दल और श्रीराम सनातन सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने इसकी जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को हिरासत में लिया और वहां लगे पोस्टर हटा दिए। इसके अगले ही दिन 10 अगस्त को नया खेड़ा स्थित सरकारी चारागाह की जमीन पर बने एक अवैध चर्च में छापेमारी हुई। यहां से पादरी चंद्रिका प्रसाद और उसकी पत्नी समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया और भारी मात्रा में धार्मिक साहित्य जब्त किया गया।
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में आरोप लगाया कि पादरियों और पास्टरों द्वारा जरूरतमंद लोगों को इलाज, नौकरी और शिक्षा का लालच दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि लखनऊ और अन्य जिलों में बिना अनुमति के बनाए गए चर्चों और उनकी जमीनों की जांच होनी चाहिए। चतुर्वेदी ने इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) बनाने और विदेशी फंडिंग के स्रोतों का पता लगाने की बात भी कही है।
यह भी सामने आया है कि मोहनलालगंज में बच्चों और Gen-Z युवाओं को अंग्रेजी सिखाने के बहाने प्रार्थना सभाओं में बुलाया जा रहा था और उन्हें ईसाई धर्म की सामग्री दी जा रही थी। आरोप है कि धर्मांतरण कराने वाले लोग लोगों को यह भी सिखा रहे थे कि पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों की पूछताछ से कैसे बचा जाए। मोहनलालगंज इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक स्पेशल पुलिस टीम बनाई गई है और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।