UP : लखनऊ कमिश्नरेट और रिजर्व पुलिस लाइंस में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाने वाले सिपाही Sunil Kumar Shukla को विभाग ने निलंबित कर दिया है। सुनील शुक्ला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस विभाग के अंदर चल रहे कथित भ्
UP : लखनऊ कमिश्नरेट और रिजर्व पुलिस लाइंस में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाने वाले सिपाही Sunil Kumar Shukla को विभाग ने निलंबित कर दिया है। सुनील शुक्ला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस विभाग के अंदर चल रहे कथित भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। विभागीय जांच के बाद अब उन पर सरकारी नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज कर सस्पेंशन की कार्रवाई की गई है।
सिपाही सुनील शुक्ला पर क्यों हुई कार्रवाई
पुलिस विभाग के मुताबिक सुनील कुमार शुक्ला ने ‘सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली’ और ‘उत्तर प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया पॉलिसी’ का उल्लंघन किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर विभाग की छवि खराब करने की कोशिश की। इसी वजह से विभागीय जांच पूरी होने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। उनके साथ ही हेड कांस्टेबल Neetu Singh को भी सोशल मीडिया पर रील बनाने के कारण निलंबित किया गया है।
भ्रष्टाचार के क्या थे आरोप और क्या हुआ एक्शन
सुनील शुक्ला ने आरोप लगाया था कि ड्यूटी लगाने के बदले सिपाही से 2,000 रुपये वसूले जाते हैं। उन्होंने IPS अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस मामले में पुलिस ने शुरुआती कदम उठाते हुए लखनऊ पुलिस लाइन के गणना कार्यालय से एक सब-इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल समेत 12 पुलिसकर्मियों को हटा दिया था। साथ ही ACP Line Shipra Pandey की जगह Soumya Pandey को तैनात किया गया ताकि जांच निष्पक्ष रहे।
भविष्य के लिए क्या बदलाव किए जा रहे हैं
विभाग ने अब यह फैसला लिया है कि ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया को पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड कर दिया जाएगा। इससे इंसानी दखल कम होगा और पैसों के लेन-देन या भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। इस पूरे मामले में समाजवादी पार्टी के मुखिया Akhilesh Yadav ने भी वीडियो शेयर कर सरकार की आलोचना की थी, जबकि सिपाही ने CM Yogi Adityanath से निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सिपाही सुनील शुक्ला को क्यों सस्पेंड किया गया?
सुनील शुक्ला को सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली और यूपी पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने के कारण निलंबित किया गया है।
सुनील शुक्ला ने विभाग पर क्या आरोप लगाए थे?
उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस लाइंस में ड्यूटी असाइन करने के लिए सिपाही से 2,000 रुपये लिए जाते हैं और इसमें बड़े अधिकारी भी शामिल हैं।