UP: लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आरटीआई विभाग ने एक दिवसीय कार्यशाला की। इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सूचना के अधिकार (RTI) के सही इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी गई। इसका मकसद कार्
UP: लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आरटीआई विभाग ने एक दिवसीय कार्यशाला की। इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सूचना के अधिकार (RTI) के सही इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी गई। इसका मकसद कार्यकर्ताओं को इस काबिल बनाना है कि वे सरकार से जवाब मांग सकें और लोकतंत्र को मजबूत कर सकें।
कार्यशाला में क्या रहा खास और किसने क्या कहा
इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में अविनाश पांडे शामिल हुए। अविनाश पांडे दिसंबर 2023 से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव और उत्तर प्रदेश के प्रभारी हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि आरटीआई का प्रभावी उपयोग कैसे किया जाए। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि आरटीआई के जरिए सरकार की जवाबदेही तय की जा सकती है और भ्रष्टाचार के मामलों को सामने लाया जा सकता है।
कांग्रेस की आरटीआई को लेकर अब तक की तैयारी
पार्टी पिछले कुछ समय से इस दिशा में काफी सक्रिय है। 22 फरवरी 2026 को युवाओं को सशक्त बनाने के लिए नई पहलों की घोषणा की गई थी, जिसमें जिला स्तर पर कानूनी टीमें बनाने की बात कही गई थी। इसके बाद 16 अप्रैल 2026 को लखनऊ कार्यालय में नवनियुक्त जिला और शहर चेयरमैन को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। उस समय प्रदेश चेयरमैन पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव ने भी कार्यकर्ताओं से भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए आरटीआई का इस्तेमाल करने को कहा था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में कांग्रेस की आरटीआई कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्या था
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सूचना के अधिकार (RTI) का प्रभावी ढंग से उपयोग करने का प्रशिक्षण देना था ताकि वे भ्रष्टाचार को उजागर कर सकें।
अविनाश पांडे कौन हैं और उन्होंने कार्यशाला में क्या भूमिका निभाई
अविनाश पांडे AICC के महासचिव और उत्तर प्रदेश के प्रभारी हैं। उन्होंने कार्यशाला में मुख्य वक्ता के तौर पर सूचना के अधिकार के महत्व और इसके उपयोग पर बात की।