Lucknow कोचिंग सेंटर हादसे के बाद गहलोत की चेतावनी, जयपुर में 13 संस्थान सील

UP/Lucknow: लखनऊ के अलीगंज में एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। यह हादसा 22 जून 2026 को हुआ, जिसके बाद से पूरे देश में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़

UP/Lucknow: लखनऊ के अलीगंज में एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। यह हादसा 22 जून 2026 को हुआ, जिसके बाद से पूरे देश में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या व्यावसायिक लाभ के लिए छात्रों की जान जोखिम में डाली जा रही है।

जांच में सामने आया कि जिस तीन मंजिला इमारत में कोचिंग चल रहा था, वह 2014 में सिर्फ रहने के लिए (आवासीय) पास हुई थी, लेकिन बाद में उसे व्यावसायिक परिसर बना दिया गया। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद देने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीएम राहत कोष से सहायता राशि की घोषणा की है।

इस मामले में योगी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। IAS अमृत अभिजात और IPS प्रवीण कुमार की दो सदस्यीय SIT बनाई गई है, जिसे 7 दिन में रिपोर्ट देनी होगी। पुलिस ने FIR दर्ज कर इमारत के मालिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और चार अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। यूपी प्रशासन अब प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, मुरादाबाद और मेरठ जैसे शहरों में कोचिंग संस्थानों और डिजिटल लाइब्रेरी की अग्नि सुरक्षा जांच कर रहा है।

इस हादसे का असर राजस्थान में भी दिखा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 23 जून को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि राजस्थान सरकार लखनऊ जैसी घटनाओं का इंतजार न करे और सबक ले। उन्होंने कहा कि जयपुर के कई कोचिंग सेंटर संकरी गलियों और असुरक्षित भवनों में चल रहे हैं, जहां न तो सही एग्जिट गेट हैं और न ही आग बुझाने के उपकरण। गहलोत ने प्रताप नगर ‘कोचिंग हब’ परियोजना को रोकने और उसे IIT जोधपुर को देने के फैसले की भी आलोचना की।

गहलोत की चेतावनी के बाद जयपुर प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आया। नगर निगम और पुलिस की टीमों ने जब छापेमारी की, तो सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी मिली। इस कार्रवाई के दौरान 13 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया और 24 से ज्यादा संस्थानों को नोटिस जारी किए गए। एक सर्वे में पता चला कि 1,250 से ज्यादा व्यावसायिक इमारतें बिना फायर NOC के चल रही हैं, जबकि जांच किए गए 139 कोचिंग सेंटरों में से 45 के पास फायर NOC था ही नहीं। इसी तरह की कार्रवाई मध्य प्रदेश के इंदौर में भी की गई है।