Lucknow अग्निकांड: अजय राय ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, 4 अधिकारी निलंबित और 4 गिरफ्तार

UP/Lucknow: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद अब राजनीति और प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय

UP/Lucknow: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद अब राजनीति और प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस घटना को सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार से जोड़कर सरकार पर हमला बोला है।

अजय राय ने आरोप लगाया कि जिस इमारत में आग लगी, उसे गिराने का आदेश पहले ही जारी हो चुका था, लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से उसे नहीं गिराया गया। उन्होंने बताया कि इमारत में बिजली का लोड तय क्षमता से ज्यादा था और शॉर्ट सर्किट की वजह से बायोमेट्रिक लॉक वाला दरवाजा जाम हो गया, जिससे बच्चे बाहर नहीं निकल पाए। कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले।

दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्चस्तरीय SIT का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में अब तक लखनऊ पुलिस ने छह FIR दर्ज की हैं और चार लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, जिनमें जानकीपुरम के XEN गौरव कुमार, FSSO कमलेन्द्र कुमार सिंह, AE अनिल कुमार और प्रमोद पांडे शामिल हैं।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने भी एक जांच कमेटी बनाई है। यह कमेटी इस बात की जांच करेगी कि सपा सरकार के समय जिस इमारत को गिराने का आदेश हुआ था, उसे पैसे लेकर कैसे रुकवाया गया। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर पूरी स्थिति की जानकारी ली है।

इस बीच, अजय राय ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर दान कोष विवाद को लेकर भी सरकार को घेरा है। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की SIT जांच को फर्जी बताया और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी SIT के गठन पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी जांच समितियों की रिपोर्ट अक्सर जनता के सामने नहीं आती है।