Lucknow में कोचिंग सेंटर्स पर चला प्रशासन का डंडा, अलीगंज अग्निकांड के बाद कई संस्थान सील

Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटर्स की जांच तेज हो गई है। 22 जून 2026 को हुई इस आग में 15 मासूम बच्चों की जान चली गई थी, जिसके बाद सरकार ने सुरक्षा मानकों की

Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटर्स की जांच तेज हो गई है। 22 जून 2026 को हुई इस आग में 15 मासूम बच्चों की जान चली गई थी, जिसके बाद सरकार ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर सख्ती शुरू कर दी है। इस कार्रवाई की वजह से अब कई छात्रों की पढ़ाई क्लासरूम से हटकर मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन पर सिमट गई है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अलीगंज-कपूरथला और गोमती नगर के विराज खंड जैसे इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान ALLEN कोचिंग समेत आधा दर्जन से ज्यादा संस्थानों को सील किया गया। जांच में पाया गया कि इन सेंटर्स ने बिल्डिंग प्लान के नियमों का उल्लंघन किया था और वहां न तो सही इमरजेंसी एग्जिट थे और न ही फायर अलार्म काम कर रहे थे। LDA के OSD देवांश त्रिवेदी ने बताया कि पब्लिक सेफ्टी को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि भविष्य में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

यह crackdown सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में फैला हुआ है। अब तक राज्यभर में 335 से ज्यादा बिल्डिंग्स सील की जा चुकी हैं और एक हजार से ज्यादा नोटिस जारी किए गए हैं। गाजियाबाद में 59, शामली में 46, बागपत में 40 और बिजनौर में 28 कोचिंग सेंटर्स पर ताला लटकाया गया है। प्रयागराज में खान ग्लोबल क्लासेस और मेडीज़ोन पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट को भी सील किया गया। गाजियाबाद के डीएम रविंद्र कुमार मंडाड ने साफ किया है कि फायर सेफ्टी के नियमों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।

हैरानी की बात यह है कि लखनऊ में लगभग 4,000 कोचिंग संस्थान चल रहे हैं, जिनमें से सिर्फ 226 ही रजिस्टर्ड हैं। सरकार ने अब उत्तर प्रदेश कोचिंग रेगुलेशन एक्ट, 2002 के तहत बिना रजिस्ट्रेशन चलाने वाले सेंटर्स पर नकेल कसने का निर्देश दिया है। साथ ही नए नियम जारी किए गए हैं, जिनमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों का एडमिशन लेना मना है और केवल ग्रेजुएट लोग ही शिक्षक बन सकेंगे। अगर कोई संस्थान इन नियमों को नहीं मानता है, तो उस पर 25,000 से 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।

इस पूरी कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर छात्रों पर पड़ा है। हापुड़ में कुछ छात्र कोचिंग सील होने के बाद सड़क किनारे टेंट लगाकर पढ़ने को मजबूर दिखे। कई छात्रों की किताबें और जरूरी सामान सील हो चुकी लाइब्रेरी के अंदर ही रह गए हैं। लखनऊ की इस घटना का असर दिल्ली में भी दिखा, जहां सरकार ने राजधानी के 924 कोचिंग सेंटर्स की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है।