Lucknow कोचिंग सेंटर अग्निकांड: हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब, सुप्रीम कोर्ट ने LDA उपाध्यक्ष को भेजा अवमानना नोटिस
Lucknow: अलीगंज इलाके के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। कोर्ट ने साफ कह दिया है कि अब कोई गोल-मोल जवाब स्वीकार
Lucknow: अलीगंज इलाके के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। कोर्ट ने साफ कह दिया है कि अब कोई गोल-मोल जवाब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह हादसा 22 जून 2026 को अलीगंज के उषा मेहता मार्ग स्थित एक कमर्शियल बिल्डिंग में हुआ था, जहां कोचिंग और एनिमेशन सेंटर चलते थे। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक Standard Operating Procedure (SOP) तैयार किया जाए। सरकार ने कोर्ट को बताया कि यह SOP लगभग तैयार है, लेकिन कोर्ट अब इसका पूरा ब्योरा चाहता है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया है। 6 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने Lucknow Development Authority (LDA) के उपाध्यक्ष को अवमानना नोटिस जारी किया। कोर्ट ने पाया कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह अवैध थी और 2016 में उसे गिराने का आदेश भी दिया गया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। जमीन के गलत इस्तेमाल और नियमों की अनदेखी पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी चिंता जताई है।
हाईकोर्ट ने यूपी फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट 2022 की धारा 26 पर भी सवाल उठाए हैं। इस नियम के तहत 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली इमारतों को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट से छूट मिली हुई है, जबकि यह हादसा ऐसी ही एक बिल्डिंग में हुआ। कोर्ट ने सुझाव दिया है कि इस नियम को बदलने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को राज्य के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ बताया है। उन्होंने पूरे प्रदेश में अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों और कमर्शियल बिल्डिंगों के फायर सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए हैं। साथ ही निर्देश दिया है कि पार्किंग के लिए बनी बेसमेंट का इस्तेमाल कमर्शियल काम के लिए नहीं होगा। इस मामले की जांच के लिए SIT बनाई गई है, जिसके सदस्य ADG प्रवीण कुमार ने कहा है कि हर पहलू की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में अब अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को होगी। फिलहाल बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।