Lucknow में कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 15 की मौत; 2016 में गिराने का आदेश था, 4 अफसर सस्पेंड
Lucknow: अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित एक बहुमंजिला इमारत में सोमवार को भीषण आग लग गई, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में ज्यादातर छात्र थे और 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक
Lucknow: अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित एक बहुमंजिला इमारत में सोमवार को भीषण आग लग गई, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में ज्यादातर छात्र थे और 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुआ, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद दुर्घटनास्थल का दौरा किया और घायलों का हाल जाना। उन्होंने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और मामले की गहराई से जांच के लिए दो सदस्यों वाली एक विशेष जांच दल (SIT) बना दी है। SIT को 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार को 5 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। इस हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), अग्निशमन विभाग और विद्युत विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए लोगों में इमारत के संयुक्त मालिक राम कृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषार कृष्ण जायसवाल और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं।
जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इस इमारत को 2016 में ही अवैध निर्माण की वजह से गिराने का आदेश दिया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि दो महीने के अंदर ही उस आदेश को रद्द कर दिया गया। अब यह जांच का मुख्य हिस्सा है कि आखिर किस आधार पर आदेश रद्द हुआ। फिलहाल पूरी इमारत को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक यूनिट की टीम सबूत जुटा रही है।