Lucknow के कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 15 छात्रों की मौत; CM योगी ने SIT गठित कर दिए सख्त निर्देश

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में 15 छात्रों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में 15 छात्रों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया और घायलों के बेहतर इलाज के साथ-साथ मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए हैं।

इस हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री ने मामले की गहराई से जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। बचाव कार्य के दौरान SDRF की टीम ने बिल्डिंग की दीवार में छेद कर अंदर प्रवेश किया और छात्रों को बाहर निकाला। घायल छात्रों का इलाज KGMU ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।

जांच में यह बात सामने आई है कि जिस भवन में यह कोचिंग सेंटर चल रहा था, वह 1980 में आवंटित हुआ था। इसमें आवासीय नक्शे के नियमों को ताक पर रखकर बेसमेंट और तीन मंजिला निर्माण किया गया था। हादसे के बाद केजीएमयू में भर्ती छात्रा लवप्रीत ने बताया कि आग लगने के समय बाहर निकलने के रास्ते सही नहीं थे, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।

उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटरों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है और राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) के तहत सुरक्षा मानक तय हैं। नियमों के मुताबिक बड़े क्लासरूम में कम से कम दो निकास द्वार और 1.5 मीटर चौड़ी आपातकालीन सीढ़ियां होनी चाहिए। लेकिन इस घटना ने फायर एनओसी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लखनऊ के अलीगंज में ही इस घटना के एक दिन बाद 23 जून को इरम स्कूल में भी आग लग गई, जिसे दमकल विभाग ने समय रहते नियंत्रित किया।

लखनऊ की इस घटना के बाद अब मुरादाबाद जैसे अन्य शहरों में भी कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा जांच शुरू हो गई है। कई संस्थानों में बुनियादी अग्निशमन यंत्र तक नहीं मिले हैं। इस बीच नवजीवनइंडिया.कॉम के शैलेंद्र चौहान ने सुझाव दिया है कि हर कोचिंग सेंटर के लिए वार्षिक अग्नि सुरक्षा प्रमाणन अनिवार्य होना चाहिए और इसकी जानकारी एक पब्लिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि अभिभावक सुरक्षित संस्थानों का चुनाव कर सकें।