Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले सफाई कर्मचारी नेता, वाल्मीकि समाज के उत्थान और मानदेय पर हुई चर्चा
UP/Lucknow: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 14 जुलाई, 2026 को सफाई कर्मचारी नेताओं ने मुलाकात की। इस बैठक में नगर निगम के सफाई कर्मचारी नेता राजेंद्र वाल्मीकि, समाजसेविका रीना वाल्मीकि और भाजपा के प्रदेश मं
UP/Lucknow: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 14 जुलाई, 2026 को सफाई कर्मचारी नेताओं ने मुलाकात की। इस बैठक में नगर निगम के सफाई कर्मचारी नेता राजेंद्र वाल्मीकि, समाजसेविका रीना वाल्मीकि और भाजपा के प्रदेश मंत्री राहुल वाल्मीकि शामिल हुए। मुलाकात के दौरान सफाई कर्मचारियों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर विस्तार से बात हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया कि वाल्मीकि समाज का उत्थान उनकी प्राथमिकता में है। उन्होंने साफ किया कि स्वच्छता कर्मियों को न्यूनतम मानदेय की गारंटी हर हाल में मिलनी चाहिए और सरकार इसे पूरे प्रदेश में लागू कराएगी। मुख्यमंत्री ने एक बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि अब सफाई और संविदा कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग कंपनी के बजाय सरकार का निगम सीधे उनके बैंक खाते में पैसा भेजेगा।
कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा कवर की बात कही। साथ ही दुर्घटना की स्थिति में उनके परिवारों को होमगार्ड प्रणाली की तरह बैंक के जरिए 35-40 लाख रुपये की सहायता राशि देने की व्यवस्था पर चर्चा हुई। इसी दिन लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें शहर के विकास कार्यों और जनसुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उन्हें निर्देश दिए कि विकास कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे हों।
दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ अपनी मांगों को लेकर काफी सक्रिय है। संघ ने पहले ही घोषणा की थी कि वे 16 जुलाई, 2026 को मुजफ्फरनगर में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही 14 जुलाई को मुजफ्फरनगर में एक प्रदर्शन भी तय किया गया था।
| सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें |
|---|
| 2006 से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करना |
| 2004 के बाद नियुक्त नियमित कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ |
| मृतक आश्रित परिजनों को संविदा पर नौकरी देना |
| आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन, PF और ESI |
| छठे और सातवें वेतन आयोग का लाभ दिलाना और ठेका प्रथा खत्म करना |
| डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए हर वार्ड में पिकअप वाहन |
| हर महीने की 5 तारीख तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित करना |
| उच्च गुणवत्ता के उपकरण और मौसम के अनुसार वर्दी देना |
| रिटायर कर्मचारियों के रुके हुए पैसों का भुगतान करना |