UP: लखनऊ के लालबत्ती चौराहे पर सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सिटी बस सेवा के चार संविदाकर्मियों ने आत्मदाह का प्रयास किया। ये कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे
UP: लखनऊ के लालबत्ती चौराहे पर सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सिटी बस सेवा के चार संविदाकर्मियों ने आत्मदाह का प्रयास किया। ये कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप किया और चारों कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।
क्यों किया संविदाकर्मियों ने आत्मदाह का प्रयास?
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि उनकी सेवाओं का निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर विरोध जताया और अपनी मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई। यह घटना उस समय हुई जब शहर में सोमवार सुबह की हलचल शुरू हुई थी और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें रोका।
UP में संविदाकर्मियों के विरोध का क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश में अलग-अलग सेक्टरों के संविदाकर्मी पिछले काफी समय से निजीकरण और कम वेतन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। जनवरी 2025 में हजारों कर्मचारियों ने 18,000 रुपये मासिक वेतन की मांग की थी, वहीं अप्रैल 2026 में करीब 25,000 बिजली विभाग के संविदाकर्मियों की नौकरी जाने की खबरें आई थीं। इस माहौल के बीच बस सेवा कर्मचारियों का यह कदम उठाया गया।
सरकार और प्रशासन का इस पर क्या कहना है?
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अप्रैल 2026 में श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करने और मजदूरों के अधिकारों व सुरक्षा को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। सरकार ने यह भी कहा था कि एक नया कॉर्पोरेशन बनाया गया है जो कर्मचारियों के मानदेय की सिफारिशों को लागू करेगा। साथ ही बाहरी तत्वों द्वारा भड़काने वालों के खिलाफ चेतावनी भी दी गई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में संविदाकर्मियों ने किस जगह विरोध प्रदर्शन किया?
संविदाकर्मियों ने लखनऊ के लालबत्ती चौराहे पर मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और आत्मदाह की कोशिश की।
बस कर्मचारियों की मुख्य मांग क्या थी?
कर्मचारियों का मुख्य विरोध सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ था और वे अपनी नौकरी की सुरक्षा व बेहतर शर्तों की मांग कर रहे थे।