UP : लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में ओपीडी मरीजों के लिए टोकन सिस्टम शुरू किया गया है। 19 मई 2026 से लागू हुई इस व्यवस्था से अब मरीजों को इलाज के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी नहीं हो
UP : लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में ओपीडी मरीजों के लिए टोकन सिस्टम शुरू किया गया है। 19 मई 2026 से लागू हुई इस व्यवस्था से अब मरीजों को इलाज के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी नहीं होगी। इस पहल का मुख्य मकसद मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाना और उन्हें बिना किसी भागदौड़ के समय पर इलाज देना है।
टोकन सिस्टम से मरीजों को क्या फायदा होगा?
अस्पताल की ओपीडी में पहले मरीजों को अपनी बारी के लिए बहुत लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब टोकन सिस्टम आने से भीड़ नियंत्रित रहेगी और मरीजों को पता होगा कि उनका नंबर कब आएगा। इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि डॉक्टरों के काम करने के तरीके में भी आसानी होगी।
अस्पताल में अन्य क्या सुविधाएं और बदलाव हो रहे हैं?
सिविल अस्पताल में डिजिटल बदलाव पहले भी शुरू हुए थे, जैसे मई 2022 से पैथोलॉजी रिपोर्ट ऑनलाइन डाउनलोड करने की सुविधा दी गई थी। इसके अलावा अस्पताल के विस्तार की तैयारी भी चल रही है। यूपी कैबिनेट ने मार्च 2026 में एक नया ओपीडी भवन बनाने और 400 बेड बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। साथ ही इमरजेंसी ओपीडी में 20 बेड और छह सेमी-प्राइवेट वार्ड बढ़ाने की योजना भी तैयार की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ सिविल अस्पताल में टोकन सिस्टम कब से शुरू हुआ है?
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में ओपीडी मरीजों के लिए यह टोकन सिस्टम 19 मई 2026 से लागू किया गया है।
क्या अस्पताल में बेड बढ़ाने की कोई योजना है?
हाँ, यूपी कैबिनेट ने मार्च 2026 में एक नया ओपीडी भवन बनाने और 400 बेड बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।