UP: लखनऊ के कैसरबाग इलाके में रविवार को भारी हंगामा हुआ। यहाँ सिविल कोर्ट के बाहर अवैध चैंबरों को गिराने पहुंची नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम का वकीलों ने कड़ा विरोध किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को भीड़ को हटाने
UP: लखनऊ के कैसरबाग इलाके में रविवार को भारी हंगामा हुआ। यहाँ सिविल कोर्ट के बाहर अवैध चैंबरों को गिराने पहुंची नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम का वकीलों ने कड़ा विरोध किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई वकील घायल हुए। इस दौरान कुछ वकीलों ने पुलिस पर पथराव भी किया।
क्यों हुई पुलिस और वकीलों के बीच यह भिड़ंत?
यह पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश से जुड़ा है। कोर्ट ने अनुराधा सिंह की एक याचिका पर 9 अप्रैल 2026 को सख्त निर्देश दिए थे कि सड़कों, फुटपाथों और नालों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया जाए। प्रशासन ने 12 मई को करीब 240 अवैध चैंबरों और दुकानों पर लाल निशान लगाए थे और 16 मई तक इन्हें खुद हटाने का समय दिया था। जब वकील इसे नहीं हटाए, तो प्रशासन ने बलपूर्वक कार्रवाई शुरू कर दी।
वकीलों का क्या है आरोप और प्रशासन का क्या कहना है?
विरोध कर रहे वकीलों का कहना है कि प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर रहा है। उनका दावा है कि कोर्ट ने सिर्फ 72 चैंबर गिराने को कहा था, जबकि 240 को निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उनके दफ्तर तोड़े जा रहे हैं। वहीं, DCP पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी है और आम जनता व वादकारियों की परेशानी दूर करने के लिए की जा रही है।
शहर के किन इलाकों में हुआ असर?
इस अभियान के कारण कैसरबाग बस अड्डा, कलेक्ट्रेट, राजस्व परिषद, पुराना हाई कोर्ट परिसर और बलरामपुर हॉस्पिटल जैसे कई इलाकों में भारी तनाव रहा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और PAC तैनात की गई है। सुरक्षा कारणों से हजरतगंज और कैसरबाग के रास्तों में ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया है ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में पुलिस और वकीलों के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या थी?
मुख्य वजह हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम द्वारा सड़कों और फुटपाथों पर बने लगभग 240 अवैध चैंबरों और दुकानों को गिराने की कार्रवाई थी।
हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के लिए कब निर्देश दिए थे?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 9 अप्रैल 2026 को अवैध कब्जों को हटाने के लिए नगर निगम को सख्त निर्देश दिए थे।