Lucknow का बदलता स्वरूप, अब ईवी चार्जिंग स्टेशन और नई हाउसिंग स्कीम से संवरेगा शहर

Lucknow: राजधानी लखनऊ अब सिर्फ एक शहर नहीं बल्कि लोगों की भावनाओं से जुड़ा केंद्र बन गया है। पिछले कुछ सालों में शहर की सूरत पूरी तरह बदल गई है, जिससे स्थानीय लोग खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। सरकार अब शहर को आधुनि

Lucknow: राजधानी लखनऊ अब सिर्फ एक शहर नहीं बल्कि लोगों की भावनाओं से जुड़ा केंद्र बन गया है। पिछले कुछ सालों में शहर की सूरत पूरी तरह बदल गई है, जिससे स्थानीय लोग खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। सरकार अब शहर को आधुनिक बनाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के बुनियादी ढांचे और नई आवासीय योजनाओं पर तेज़ी से काम कर रही है।

शहर के विकास को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना और यूपी की ईवी पॉलिसी-2022 के तहत राज्य में 238 नए सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन और 714 चार्जर लगाने की तैयारी है। इसका मकसद पर्यावरण को बचाना और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाना है। फिलहाल राज्य में 1.5 मिलियन से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हैं और 2,316 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन पहले से काम कर रहे हैं।

आवास की सुविधा बढ़ाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) वरुण विहार और नैमिष नगर जैसी बड़ी हाउसिंग स्कीम लाने जा रहा है। LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, इन योजनाओं की तैयारी पूरी हो चुकी है और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद जुलाई 2026 के अंत तक इन्हें लॉन्च किया जा सकता है। इन स्कीमों में 3,100 से ज्यादा प्लॉट मिलेंगे, साथ ही गोल्फ कोर्स और 300 एकड़ का लॉजिस्टिक्स पार्क भी बनाया जाएगा।

शिक्षा और नीति निर्माण के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य परिवर्तन आयोग और लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक समझौता (MoU) किया है, जिससे सेंटर फॉर डेवलपमेंट एंड पॉलिसी रिसर्च (CDPR) में एक नया रिसर्च वर्टिकल शुरू होगा। यह कदम राज्य में साक्ष्य-आधारित नीतियों को मजबूत करने में मदद करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में समीक्षा बैठक के दौरान ‘शून्य गरीबी अभियान’ को प्राथमिकता देने और पात्र परिवारों को अंत्योदय कार्ड देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, लखनऊ में बनने वाले टेक्सटाइल पार्क का काम भी तेज़ी से चल रहा है। एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और ग्रेटर नोएडा में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को 31 जुलाई तक पूरा करने को कहा गया है।