Lucknow में लोगों ने जताया BJP का समर्थन, सड़क और रेलवे के विकास को बताया बड़ी वजह

Lucknow : राजधानी लखनऊ के लोग पिछले 9 सालों में हुए विकास कार्यों से काफी खुश नजर आ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क से लेकर रेलवे तक हर विभाग में काफी सुधार हुआ है, जिसकी वजह से वे हमेशा BJP का समर्थन करते आ

Lucknow : राजधानी लखनऊ के लोग पिछले 9 सालों में हुए विकास कार्यों से काफी खुश नजर आ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क से लेकर रेलवे तक हर विभाग में काफी सुधार हुआ है, जिसकी वजह से वे हमेशा BJP का समर्थन करते आए हैं। लोगों का मानना है कि बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों ने उनके जीवन को आसान बनाया है।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी राज्य में हुए इस विकास को ‘डबल इंजन सरकार’ का नतीजा बताया है। उन्होंने मार्च 2026 में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ नाम की किताब भी लॉन्च की थी, जिसमें सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा दिया गया है। सरकार के मुताबिक, कानून व्यवस्था में सुधार, निवेश में बढ़ोतरी और महिलाओं के सशक्तिकरण पर खास जोर दिया गया है।

बुनियादी ढांचे की बात करें तो उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट का जाल तेजी से फैला है। 2017 में जहां सिर्फ 2 एक्सप्रेसवे चालू थे, वहीं 2026 तक यह संख्या बढ़कर 7 हो गई है और 5 अन्य अभी बन रहे हैं। इसके अलावा, राज्य में अब 17 एयरपोर्ट चालू हैं, जिनमें 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट शामिल हैं। सड़कों की लंबाई भी 2017 के 7,168 किलोमीटर से बढ़कर 2026 तक 30,898 किलोमीटर हो गई है।

क्षेत्र 2017 की स्थिति 2026 की स्थिति
चालू एक्सप्रेसवे 2 7 (5 निर्माणाधीन)
सड़कों की लंबाई 7,168 किमी 30,898 किमी
एयरपोर्ट – 17 (5 इंटरनेशनल)
मेट्रो सेवा – 7 शहरों में चालू

हालिया अपडेट्स के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को यूपी कैबिनेट ने 47,600 करोड़ रुपये से ज्यादा के चार नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। साथ ही, लखनऊ को बहराइच से जोड़ने वाली फोरलेन सड़क के लिए भी फंड मंजूर किया गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बाराबंकी-बहराइच एक्सेस कंट्रोल फोरलेन कॉरिडोर के लिए 7,000 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।

इसके अलावा, सरकार ने युवाओं के लिए कौशल विकास पर भी काम किया है। 20 जुलाई को World Youth Skill Day के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 सालों में यूपी को एक ‘स्किल स्टेट’ बनाया गया है, ताकि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।