UP: लखनऊ के चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर कॉलेज में उस समय हंगामा हो गया जब छात्रों और अभिभावकों को पता चला कि उनकी पढ़ाई बाधित होने वाली है। स्कूल के 100 साल पुराने भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद अब वहां शैक्षणिक गतिव
UP: लखनऊ के चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर कॉलेज में उस समय हंगामा हो गया जब छात्रों और अभिभावकों को पता चला कि उनकी पढ़ाई बाधित होने वाली है। स्कूल के 100 साल पुराने भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद अब वहां शैक्षणिक गतिविधियां बंद होंगी। इस फैसले से नाराज लोगों ने स्कूल परिसर में पहुंचकर जमकर विरोध जताया।
कोर्ट ने क्यों दिया स्कूल बंद करने का आदेश?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 20 मई 2026 को यह आदेश दिया। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृज राज सिंह की पीठ ने विजय कुमार पांडे की जनहित याचिका पर सुनवाई की। PWD के इंजीनियरों की रिपोर्ट में पाया गया कि भवन की दीवारों में गहरे क्रैक हैं और छत की हालत बहुत खराब है, जिसे ठीक करना अब मुमकिन नहीं है। कोर्ट ने एक हफ्ते के भीतर सभी पढ़ाई बंद करने को कहा है।
छात्रों और कर्मचारियों का क्या होगा?
कोर्ट ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को निर्देश दिया है कि सभी छात्रों को जल्द से जल्द पास के दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाए। अगर बच्चों को एडमिशन मिलने में कोई दिक्कत आती है, तो DIOS उनकी मदद करेंगे। साथ ही, स्कूल के टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ को भी उनके फायदे प्रभावित किए बिना दूसरी जगह समायोजित किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन अब राज्य सरकार से ‘अलंकार योजना’ के तहत भवन दोबारा बनाने के लिए आर्थिक मदद मांग सकता है।
अगली सुनवाई और वर्तमान स्थिति
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को तय की है, जिसमें यह देखा जाएगा कि कोर्ट के आदेश का पालन हुआ या नहीं। बता दें कि सुरक्षा कारणों से स्कूल प्रशासन ने पहले ही कुछ कमरों (कक्षा 11, 13, 17 और 18) को बंद कर दिया था। यह पूरा विवाद 2025 के अंत से चल रहा था जब कोर्ट ने सरकार से इस जर्जर भवन पर जवाब मांगा था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
चुटकी भंडार इंटर कॉलेज को बंद करने का मुख्य कारण क्या है?
PWD की रिपोर्ट के अनुसार स्कूल का 100 साल पुराना भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और इसमें स्ट्रक्चरल फेल्योर के संकेत मिले हैं, जिससे यह छात्रों के लिए असुरक्षित है।
छात्रों की पढ़ाई के लिए कोर्ट ने क्या विकल्प दिए हैं?
कोर्ट ने DIOS को आदेश दिया है कि एक हफ्ते के भीतर सभी छात्रों को आसपास के अन्य उपयुक्त शिक्षण संस्थानों में स्थानांतरित किया जाए।